भूसे के रेट ने तोडा 90 साल का रिकॉर्ड भूसे का मार्केट रेट जान हो जाओगे हैरान

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भूसे के रेट ने तोडा 90 साल का रिकॉर्ड भूसे का मार्केट रेट जान हो जाओगे हैरान,सिर्फ आप के खाने की चीजों पर ही महंगाई की मार नहीं पड़ी है। पशुओं के चारे पर भी संकट है, भूसा पिछले साल दो से तीन गुना रेट पर बिक रहा है। पिछले साल जो भूसा 400-600 रुपए क्विंटल था, वो इस बार सीजन में ही 1100-1700 रुपए के बीच बिक रहा है। राजस्थान के बीकानेर में गेहूं का भूसा 2000 रुपए कुंटल तक पहुंच गया है।


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दुनिया के सबसे ज्यादा किसानों और पशुओं वाले देश भारत में कुल पशुओं की संख्या 53.58 करोड़ है। साल 2019 में आई 20वीं पशुगणना के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा संख्या गोवंश और फिर भैंसों की है। इस तरह गौ और महिषवंशीय पशुओं की कुल संख्या करीब 30.23 करोड़ हो जाती है। यही वो पशु भी हैं जो सबसे ज्यादा चारा और खासकर भूसा खाते हैं। क्योंकि इसको लंबे समय तक  भंडारित किया जा सकता है।


गेहूं के भूसे के रेट ने तोडा रिकॉर्ड! 70 साल में ऐसा पहली बार हुआ की गेहू और भूसे का रेट बराबर, जानिए क्या है भूसे का मार्केट प्राइस अलवर में अनाज के दाम और पसुओ के आहार के दाम एक सामान हो गए हैं। यह एक बहुत गंभीर समस्या है की अब पसुओ का आहार भी महँगा हो गया है।

रेट बढ़ने की बड़ी वजह

भूसे के रेट ने तोडा 90 साल का रिकॉर्ड भूसे का मार्केट रेट जान हो जाओगे हैरान,वर्तमान में पशुओ के खाने की चीज़े बहुत महंगी हो रही हैं। अब चुरी 2200 रु प्रति क्विंटल है। और खाल 1300 रु और वहीं काकड़ा 4200 रु प्रति क्विंटल बिक रहा है। और बाजरा 1600 रु के आस पास बना हुआ है। इनका मार्केट देखने पर तुड़ी और बाजरे के भाव लगभग सामान दिख रहे हैं। इनके महंगे होने का मुख्य कारण पशुओ के आहार का सही से रखरखाव न होना मैं कारण है।

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यह पशु आहार हुआ सस्ता

पशु पालको के अनुसार अब तुड़ी और बाजरे के भाव समान हो गए है। इसलिए अब पशुओ को अब पशु आहार के बदले जैसे की तुड़ी के बदले बाजरा देना ज्यादा सस्ता पद रहा है। तुड़ी की कमी होने के कारण पशुओ को बाजरा खिलाना महँगा पड़ रहा है।