NIA का बड़ा दावा, ब्रेन वॉश कर आतंकी संगठन ISIS के लिए भर्ती किए जा रहे थे लड़ाके

NIA ने दावा किया है कि पीएफआई ने इसके लिए मुस्लिम युवाओं को टारगेट किया था. आईएसआईएस में भर्ती होने के लिए पहले उनका ब्रेन वॉश किया जाता था, उसके बाद उन्हें आतंकी ट्रेनिंग की जाती थी.

माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय पीएफआई पर बैन लगा सकता है.

देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक्शन के बाद पीएफआई से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. एनआईए ने खुलासा किया है कि पीएफआई भारत में आईएसआईएस (ISIS) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था. पीएफआई ने इसके लिए मुस्लिम युवाओं को टारगेट किया था. आईएसआईएस में भर्ती होने के लिए पहले उनका ब्रेन वॉश किया जाता था, उसके बाद उन्हें आतंकी ट्रेनिंग की जाती थी.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस बात का खुलासा गुरुवार को देशभर के अलग-अलग ठिकानों पर मारे गए छापे के दौरान गिरफ्तार पीएफआई कार्यकर्ताओं की रिमांड में लेने की दलीलें पेश करते हुए कोर्ट में किया. बता दें कि गुरुवार को एनआईए ने पीएफआई की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 100 से अधिक पदाधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार किया था.

इसके साथ ही पीएफआई मामले में एनआईए की रिमांड कॉपी से बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. ऐसी जानकारी मिली है कि पीएफआई के टारगेट पर कई बड़े नेता आ गए थे. पीएफआई ने इसके लिए भारत के अंदर ही भर्ती भी शुरू कर दी थी. पीएफआई का मकसद नौजवानों को बहला फुसलाकर आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और आईएसआईएस में शामिल करना था.

पीएफआई के 35-40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गुरुवार को देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी करने के एक दिन बाद शुक्रवार को पुणे जिले में प्रदर्शन कर रहे पीएफआई के 35 से ज्यादा सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया. बूंदगार्डन पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक ने कहा कि पीएफआई के 35-40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी. एनआईए की अगुवाई में गुरुवार को पीएफआई पर कार्रवाई की गई थी और इस चरमपंथी इस्लामी संगठन के 106 नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, देश में कथित रूप से आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए पीएफआई के विरुद्ध 15 राज्यों में 93 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी.

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उडुपी में सड़क ब्लॉक करने पर 11 के खिलाफ मामला दर्ज

पीएफआई कार्यालयों पर एनआईए के छापों के विरोध में प्रदर्शन के दौरान सड़क रोकने के आरोप में उडुपी शहर पुलिस ने पीएफआई के 11 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि पीएफआई ने प्रदर्शन के लिए पूर्वानुमति नहीं ली थी और उनके खिलाफ सड़क अवरूद्ध करके जनजीवन प्रभावित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

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