नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश भयंकर संकट में घिरा हुआ है। देश में कोरोना वायरस के हर रोज रिकॉर्डतोड़ मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में एक बार फिर से देश में संपूर्ण लॉकडाउन की चर्चा तेज हो गई है। इंटरनेट मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इंटरनेट मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्मों में देश में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर फिर से संपूर्ण लॉकडाउन लगने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। इसको लेकर कई संदेश इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें देश में 3 मई से 20 मई के बीच संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर कई तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं। आइए जानते हैं इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे इन दावों के पीछे की सच्चाई…

इंटरनेट मीडिया पर एक न्यूज ग्राफिक वायरल हो रही है, जिसमें पीएम मोदी की फोटो के साथ सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि लॉकडाउन की नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसमें 3 मई से 20 मई के तक संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि देश के सभी राज्यों ने संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर सहमति जताई है। 3 मई से 20 मई तक पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

फैक्ट चेक वेबसाइट विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की है। इसमें पता चला कि यह पोस्‍ट पूरी तरह से फर्जी है। वायरल न्‍यूज ग्राफिक फेक है। विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल न्‍यूज ग्राफिक की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहने टीवी9 के एडिटर से संपर्क किया। उनके साथ हमने वायरल पोस्‍ट शेयर की। उन्‍होंने विश्‍वास न्‍यूज को बताया कि यह पूरी तरह फेक है। इसे कई जगह से एडिट कर करके बनाया गया है। चैनल ने ऐसी कोई भी खबर ऑन एयर प्रसारित नहीं की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने देश में 3 मई से 20 मई तक सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है।#PIBFactCheck: यह दावा #फर्जी है। केंद्र सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

20 अप्रैल को देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने इस बात की ओर साफ इशारा कर दिया कि सरकार कहीं से लॉकडाउन नहीं लगाना चाहती है। पीएम मोदी ने कहा था कि वर्तमान स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। उन्होंने कहा था कि मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि कोरोना का संक्रमण कम करने के लिए वे पूरे राज्य में लाकडाउन न लगाएं। इसके बदले जिलों में और जहां पर दूसरी लहर का असर ज्यादा है, वहां प्रतिबंधात्मक उपाय करें।

अजब गजब,लाइफ स्टाइल,समाचार की अन्य खबरें

लिंक कॉपी हो गया