हाइट बढ़ाने वाली सर्जरी करा रहे लोग, एक्सपर्ट ने कहा- ये किसी बीमारी का है संकेत

Dr Kevin Deviparshan Height Increase

लिपोसक्शन, बेरिएट्रिक और फेस लिफ्टिंग जैसी कॉस्मेटिक सर्जरी के बाद अब हाइट बढ़ाने वाली सर्जरी सुर्खियों में है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में एक शख्स ने अपनी हाइट कुछ इंच बढ़ाने के लिए करीब 60 लाख रुपये खर्च किए. GQ के मुताबिक “इस सर्जरी के दौरान व्यक्ति की जांघों की हड्डियों को तोड़कर उनमें मेटल के एडजस्टेबल नेल्स सेंटर में लगाए जाते हैं. हर नेल टाइटेनियम से बना होता है, जो हड्डी की तरह लचीला और मजबूत होता है, और एक पिकोलो (piccolo) के साइज के बराबर होता है. नेल्स को मैगनेटिक रिमोट कंट्रोल के जरिए हर दिन एक मिलीमीटर बढ़ाया जाता है लगभग 90 दिनों तक.”

यह पूछे जाने पर कि वह अपनी हाइट क्यों बढ़ाना चाहता है, उस व्यक्ति ने कहा, “मैंने देखा कि लम्बे लोगों को उनकी हाइट का फायदा मिलता है. दुनिया उनके लिए झुकती है. जब आप लंबे होते हैं तो लोग आपको अलग नजर से देखते हैं.”

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ पुलकित शर्मा ने इस तरह की सर्जरी कराने वाले लोगों के खराब मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की. कॉस्मेटिक सर्जरी खराब मानसिक स्वास्थ्य और खुद की खराब छवि का संकेत है. उन्होंने समझाया, “जब किसी व्यक्ति के दिमाग में खुद की खराब छवि होती है और वह खुद को आकर्षक नहीं समझता, तो वे फिर वह अपनी शारीरिक बनावट पर फोकस करता है.”

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर

डॉ शर्मा ने इन रोगियों की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “यह केवल ऊंचाई बढ़ाने वाली सर्जरी के बारे में नहीं है, बल्कि लोग अपने वजन, लुक, निशान या किसी भी शारीरिक पहलू को नापसंद कर सकते हैं जो उन्हें परफेक्ट नहीं लगता. हम इसे बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर कहते हैं.

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें आप खुद में दिखाई देने वाले एक या ज्यादा दोष (डिफेक्ट) के बारे में सोचना बंद नहीं कर सकते हैं, एक दोष जो मामूली दिखता है या दूसरों के द्वारा नोटिस भी नहीं किया जाता. लेकिन आप इसे लेकर खुद को इतना शर्मिंदा और चिंतित महसूस करते हैं कि आप कई लोगों के बीच जाने से बचने लगते हैं.

ये सर्जरी न केवल किसी व्यक्ति में खराब मानसिक स्वास्थ्य का संकेत हैं बल्कि समाज का एक खतरनाक और नकारात्मक पहलू भी हैं. डॉ शर्मा ने कहा, “इन सर्जरी को करने वाले प्रोफेशनल्स को इन समस्याओं के बारे में बताना चाहिए.”

सर्जरी जीवन के लिए खतरा हो सकती हैं

एक कॉमन सर्जिकल प्रोसेस में प्रमुख तौर पर हड्डी को काटना फिर हड्डी में मेटल के पिन और स्क्रू लगाना, बाहरी धातु के उपकरणों को पिन से जोड़ना शामिल है. डॉक्टर इन उपकरणों को “फिक्सेटर” कहते हैं और वे हड्डी के कटे हुए क्षेत्र को नई हड्डी के विकास के लिए अलग करने में मदद करते हैं.

एक बार जब व्यक्ति को अपने मन मुताबिक रिजल्ट मिल जाता है तो फिर डॉक्टर पिन को हटा देते हैं. एक सर्जन द्वारा टांगों को लंबा करने की अधिकतम मात्रा अलग-अलग होती है लेकिन आमतौर पर यह लगभग 7 सेंटीमीटर तक सीमित होती है.

इस प्रोसीजर में रिस्क भी शामिल हैं. जिसमें एनेस्थीसिया को लेकर रिएक्शन, ब्लीडिंग और इन्फेक्शन खास तौर से पिन साइटों में शामिल हैं.

हड्डियों में हो सकती है परेशानी

हड्डी को लंबा करने वाली सर्जरी के प्रोसीजर और उसके परिणामों के बारे में एक समीक्षा में बताया गया है कि 100 प्रतिशत तक लोग जिनकी पैर लंबा करने वाली सर्जरी होती है उनमें किसी न किसी तरह की जटिलताएं सामने आती हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को बड़ी जटिलताओं (मेजर कॉम्प्लिकेशन) का अनुभव नहीं होता है.

एक खतरा यह भी है कि हड्डियों के गलत तरीके से हील होने के कारण सर्जरी सफल नहीं होगी. कुछ मरीजों में हड्डियों के सही तरह से हील न होने पर ऐसा भी हो सकता है कि हड्डियां सीधी न रहें.

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