खरीफ फसलों की खरीद को लेकर हरियाणा के सीएम ने दिए निर्देश, रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी

Kharif Crops Procurement

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक अक्टूबर से शुरू होने वाली खरीफ फसलों की खरीद के दौरान प्रदेश के किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी. फसलों की सुगम खरीद सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री खरीफ फसलों की खरीद को लेकर आला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे पी दलाल भी उपस्थित थे. मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे.

विपणन सत्र 2022-23 के दौरान धान, बाजरा, मक्का, मूंग, सूरजमुखी, मूंगफली, तिल, अरहर और उड़द आदि फसलों की खरीद की जाएगी. इसके लिए मंडियों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है. मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीद से जुड़े सभी प्रबंध सुनिश्चित किये जाएं, ताकि फसल बेचने आने वाले किसानों को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े. फसलों की समयबद्ध तरीके से खरीद, उसकी स्टोरेज तथा मंडियों में बारदाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.

रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के लिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 24 सितंबर तक पंजीकरण के लिए खोल दिया गया है. उन्होंने किसानों से कहा कि जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं करवाया है, वे यह काम फटाफट करवा लें. ताकि फसल बेचने में उन्हें दिक्कत न आए. मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होगी. मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक की जाएगी. जबकि अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2 दिन के भीतर ई- गिरदावरी के डाटा के सत्यापन में जो त्रुटियां हैं, उसे कृषि विभाग, हरसैक के डाटा के साथ मिलान कर उस डाटा को जिला उपायुक्त के माध्यम से सीआरओ को भिजवाना सुनिश्चित करें. साथ ही सीआरओ को भी निर्देश दिया जाए कि वह अगले 3 दिनों में इस डाटा को ठीक करके उसे पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें.

किसानों के लिए बनेगा हेल्प डेस्क

मनोहरलाल ने कहा कि मंडियों में पहले की भांति हेल्प डेस्क भी स्थापित होगा ताकि किसी भी किसानों को कोई दिक्कत न आए. इस हेल्प डेस्क पर मार्केटिंग बोर्ड, कृषि व संबंधित विभाग के अधिकारी तैनात होंगे. हेल्प डेस्क पर किसानों की शिकायतों का भी निवारण किया जाएगा.

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, कृषि विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव के मकरंद पांडुरंग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.