क्या गर्भावस्था के दौरान सिर्फ शाकाहारी भोजन करना चाहिए? जानिए एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्भवती महिलाएं अपने डॉक्टर और न्यूट्रीशियनिस्ट के साथ विस्तार से चर्चा करें और बच्चे के समुचित विकास के लिए उनके द्वारा बताया गया भोजन करें.

प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

Image Credit source: Nutrition.org

जल्द ही मां बनने वाली आलिया भट्ट की गोद भराई के कार्यक्रम में शाकाहारी मेन्यू रखा जाएगा, क्योंकि अभिनेत्री ने 2020 में शाकाहार (Vegan) अपना लिया था. आलिया भट्ट इस वक्त अपनी गर्भावस्था के आखिरी फेज में हैं. गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कुछ दशकों में वैश्विक स्तर पर शाकाहार अपनाने और शाकाहारी भोजन करने वालों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है. अब तक हुई स्टडीज में पता चला कि शाकाहारी भोजन की मदद से दिल की बीमारियों, कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज आदि के खतरे को कम किया जा सकता है. लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान शाकाहारी भोजन करना बच्चे की सेहत के लिए अच्छा है?

दिल्ली के एक न्यूट्रिशियनिस्ट डॉ. निशांत तंवर ने TV9 को बताया कि शाकाहारी भोजन करने वाली गर्भवती महिला को विटामिन बी12, कैल्शियम, आयोडीन, आयरन के साथ-साथ प्रोटीन आदि की गंभीर कमी से जूझना पड़ सकता है. इसकी वजह से जन्म के वक्त बच्चे का वजन भी कम रह सकता है.

डॉ. तंवर ने समझाया, ‘गर्भावस्था के दौरान लाल रक्त कोशिकाओं के बनने के लिए आयरन सबसे अहम पोषक तत्व है, जिसकी कमी से एनीमिया हो सकता है. इसी तरह, विटामिन बी12 बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए बेहद अहम है.’

कैलोरी को घटाने में फायदेमंद का शाकाहारी भोजन

विशेषज्ञ ने बताया कि शाकाहारी भोजन उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो कैलोरी का सेवन घटाना चाहते हैं और दिल की बीमारियों का खतरा कम करना चाहते हैं. हालांकि, शाकाहारी भोजन गर्भवती महिलाओं के लिए उचित नहीं है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान बच्चे की बेहतर और हेल्दी ग्रोथ के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी होता है.

एनिमल प्रोटीन जैसे अंडे, चिकन, मछली, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं. अगर कोई महिला शाकाहारी है तो उसे इन प्रोटीन के लिए सप्लीमेंट की जरूरत होगी. डॉ. तंवर के मुताबिक, ‘ऐसा भोजन करना हमेशा बेहतर होता है, जिससे शरीर को स्वाभाविक रूप से विटामिन और पोषक तत्व मिलें. न कि इनके लिए दवाएं खानी पड़ें.

क्या गर्भावस्था के दौरान शाकाहारी भोजन करना सही है?

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर में गायनीकॉलजिस्ट और इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. शोभा गुप्ता ने बताया कि अधिकांश भारतीयों के लिए शाकाहारी होने का मतलब शाकाहारी भोजन और डेयरी उत्पादों का सेवन. उन्होंने कहा, ‘वे सिर्फ एक ही चीज को नजरअंदाज करते हैं, वे मांस से संबंधित उत्पाद होते हैं.’

द हेल्थलाइन के मुताबिक, वीगनिज्म जिंदगी जीने का एक तरीका है, जिसमें किसी भी तरह से पशुओं का शोषण नहीं किया जाता है और न ही उनके प्रति किसी भी तरह की क्रूरता दिखाई जाती है. चाहे वह भोजन, कपड़े या किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए क्यों न हो.

आंतों के लिए अच्छा होता है प्लांट बेस्ड आहार

डॉ. शोभा के मुताबिक, ‘आम राय यह है कि पोल्ट्री आधारित उत्पादों को पचने में वक्त लगता है. इसके चलते गर्भवती महिलाएं प्लांट बेस्ड आहार खाना पसंद करती हैं.’

डॉ. गुप्ता ने जोर देते हुए कहा, ‘लेकिन सबसे अहम यह है कि गर्भवती महिलाएं अपने डॉक्टर और न्यूट्रीशियनिस्ट के साथ विस्तार से चर्चा करें और बच्चे के समुचित विकास के लिए उनके द्वारा बताया गया भोजन करें.’

डॉ. शोभा गुप्ता ने डॉ. तंवर की बातों पर भी सहमति जताई. उन्होंने कहा कि डेयरी प्रॉडक्ट हड्डियों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं. इन चीजों में जैव उपलब्धता (Bioavailability) ज्यादा होती है. लेकिन इनके लिए सोया मिल्क जैसे विकल्प भी हैं. डॉ. तंवर ने कहा, ‘गर्भवती महिलाएं कीनुआ, दलिया, बाजरा, बादाम और दालें खा सकती हैं.’

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