आधा घंटे तक 108 को किया फोन, नहीं मिला जवाब तो चारपाई को ही बना लिया एंबुलेंस

Hamirpur News

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में दो दिन से लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनी हुई है. करीब 12 से ज्यादा मकान ढह चुके हैं. इसी बीच एक युवक मकान के मलबे में दब गया. आधे घंटे तक लोगों ने सरकारी एंबुलेंस को कॉल किया, कोई जवाब न मिलने पर चारपाई पर लाद जख्मी युवक को लेकर लोग निकले. करीब एक किलोमीटर तक पैदल चले और फिर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचकर भर्ती कराया. बारिश के चलते सरकारी दावों की पोल खुलकर सामने आ गई है.

मामला उम्मनियां गांव का है. यहां दो दिनों से हो रही बारिश में 12 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं. ऐसे में स्थानीय निवासी मकानों के मलबे से अपने-अपने घरेलू सामान निकाल रहे हैं. इसी बीच गांव निवासी रज्जन का मकान भी बारिश में ढह गया. शुक्रवार सुबह रज्जन मलबे से अपनी बची गृहस्थी का सामान निकालने लगा. तभी मलबा रज्जन के ऊपर गिर गया. शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके में पहुंचे और रज्जन को बाहर निकाला.

एक किलोमीटर तक चारपाई पर लाद ले गए

गंभीर अवस्था में रज्जन को जख्मी देख सरकारी एंबुलेंस के लिए 108 हेल्पलाइन पर कॉल की. आधे घंटे तक फोन नहीं उठा तो घायल रज्जन को चारपाई पर लाद एक किलोमीटर तक पैदल लेकर सकरी गलियों से बाहर निकले. उसके बाद निजी वाहन से रज्जन को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया.

कीचड़ में तब्दील रास्ते

पिछले दो दिनों से हुई बारिश के चलते जिले में बाढ़ से हालात पैदा हो गए हैं. कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है. आधे से ज्यादा रास्ते कीचड़ में तब्दील हो गए हैं. जिसके चलते गांव के अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया है. ऐसा ही कुछ हाल सरीला तहसील के उम्मनियां गांव का है. ऐसे में अगर कोई बीमार हो जाए या कोई मुसीबत आ जाए, तो गांव के लोगों को बाहर पैदल आना पड़ता है.

आधा घंटे मिलाया 108 को फोन

मकान के मलबे में रज्जन के दबने के बाद परिजनों ने आनन-फानन 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया. जिसके बाद फोन नहीं मिला. गांव के कई लोगों ने नंबर ट्राई किया, फिर भी फोन नहीं मिला. ग्रामीणों ने रज्जन की हालत को देखते हुए चारपाई को ही एंबुलेंस बना लिया. उसे लिटाकर गांव के बाहर करीब एक किलोमीटर दूर तक ले आए. जिसके बाद उसे निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया. ऐसे में लोगों का सरकारी एंबुलेंस सेवा पर प्रश्न उठाना लाजमी है.