अफगानिस्तान में है आतंकी मसूद अज़हर, FATF की बैठक से पहले बढ़ी पाकिस्तान की टेंशन

अगर मसूद अजहर पर कार्रवाई नहीं होती है तो पाकिस्तान एक बार फिर FATF की लिस्ट में बना रह सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और ज्यादा चौपट हो सकती है.

मसूद अजहर

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युनाइटेड नेशन द्वारा नामित आतंकवादी मसूद अजहर, माना जा रहा है कि अफगानिस्तान में है. ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई है जिसमें आतंकी मसूद अज़हर के अफगानिस्तान में होने के दावे किए गए हैं. अज़हर पाकिस्तान के लिए गले का फंदा बना हुआ है. अगले महीने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक है और इससे पहले पाकिस्तान दबाव में है कि वो मसूद अजहर पर कार्रवाई करे. अगर ऐसा नहीं होता है तो पाकिस्तान एक बार फिर FATF की लिस्ट में बना रह सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और ज्यादा चौपट हो सकती है.

मसूद अज़हर को भारतीय जेल से छुड़ाने के लिए आतंकियों ने 1999 में कंधार में एक भारतीय विमान को हाइजैक कर लिया था, जिसके बाद भारत सरकार को यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे छोड़ना पड़ा था. इसके बाद उसने जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का गठन किया, जिसने बाद में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया. आतंकी मसूद अज़हर के ठिकानों को लेकर पाकिस्तान और तालिबान के बीच जुबानी जंग चल रही है. पाकिस्तान यह दावा करता रहा है कि वो देश में नहीं है. अब आतंकी के अफगानिस्तान में होने के दावे के बीच पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ सकती है. पाकिस्तान सरकार और तालिबान पहले से ही आमने सामने है.

काबुल में देखा गया आतंकी मसूद अज़हर

इस मामले के जानकार बताते हैं कि ऐसा माना जाता है कि मसूद अजहर हाल के दिनों में काबुल में था और पाकिस्तान सीमा से लगे पूर्वी अफगानिस्तान में स्थित कुनार और खोस्त प्रांतों में भी उसे देखा गया था. JeM की लंबे समय से इस क्षेत्र में अच्छी मौजूदगी मानी जाती है. इस साल की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि आतंकी समूह के नंगरहार प्रांत में आठ प्रशिक्षण शिविर हैं, जो कुनार और खोस्त के बीच स्थित है.

FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान दबाव में

18-21 अक्टूबर के दौरान पेरिस में FATF की पूर्ण बैठक से पहले पश्चिमी शक्तियों द्वारा की गई प्रमुख मांगों में से एक मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई है. पाकिस्तानी पक्ष ने इस साल दो बार काबुल में तालिबान से संपर्क किया – एक बार जनवरी में और फिर इस महीने की शुरुआत में – और अजहर का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने के लिए कहा था.

तालिबान ने किया खारिज

हालांकि तालिबान ने हाल ही में पाकिस्तान के इस अनुरोध को खारिज किया था और कहा था कि वे किसी भी सशस्त्र विपक्षी समूहों को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा. तालिबान के इस दावे के बावजूद, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने पिछले हफ्ते उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अजहर “अफगानिस्तान में” है, जबकि आतंकी मसूद अजहर को पिछले कई समय से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है.

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