WTO में उठा खाद्य सुरक्षा का मुद्दा, भारत ने विकसित देशों की नीतियों पर जताई चिंता, कहा- सिर्फ व्यापार के बारे में सोचते हैं ऐसे मुल्क

Piyush Goyal

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का मिनिस्ट्रियल सम्मेलन (WHO Ministerial Conferences) जिनेवा में चल रहा है. बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल कर रहे है. डब्ल्यूटीओ के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दूसरे दिन भारत ने खाद्य सुरक्षा को लेकर विकसित देशों की नीतियों के खिलाफ चिंता जाहिर की है. भारत ने मांग की कि विकासशील देशों को विकसित देशों से सस्ती दरों पर वैक्सीन मिलें. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने विकासशील और गरीब देशों को कठिन वक्त में विकसित देशों से पैसा उधार लेने के बजाय इलाज और निदान पर ध्यान देने की सलाह दी है.

गोयल ने कहा कि जब तक महामारी का प्रावधान नहीं हुआ, इसका सामना करना कठिन होगा. विकासशील और विकसित देश विश्व व्यापार संगठन सम्मेलन में एक-दूसरे का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, विकसित देश व्यापार के संदर्भ में सोचते हैं. जबकि विकासशील देश अपने नागरिकों और जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे सभी लोगों के हितों के बारे में सोचते हैं.

निर्यात प्रतिबंध की नीति को लेकर चिंता

पीयूष गोयल ने निर्यात प्रतिबंध की नीति को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि महामारी से उबरने के लिए सिर्फ वैक्सीन निर्माण के ट्रिप्स छूट से काम नहीं चलेगा. अब थेरेपटिक और डायग्नोस्टिक दोनों में छूट देनी होगी. अब दुनिया में वैक्सीन की कमी नहीं है. कम विकसित और विकासशील देशों को डायग्नोस्टिक और थेरेपटिक सुविधा की जरूरत है ताकि भविष्य में इस प्रकार की चुनौतियों से आसानी से निपटा जा सके. डायग्नोस्टिक में ट्रिप्स छूट मिलने से एमआरआई और सीटी स्कैन की सस्ती सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. थेरेपटिक में छूट मिलने से कैंसर का इलाज सस्ता हो जाएगा.

इससे पहले पीयूष गोयल ने रविवार को कहा था कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत ने विभिन्न देशों में चिकित्सा उत्पादों की अपूर्ति तेज कर दी है, लेकिन विश्व व्यापार संगठन इस दिशा में तत्परता नहीं दिखा सका. गोयल ने कहा कि समय रहते प्रतिक्रया करने में असमर्थ रहने के कारण डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों ने कम विकसित देशों (एलडीसी) और विकासशील देशों के लोगों को नीचा दिखाया है. गोयल ने कहा, ‘मेरे देश ने वैश्विक स्तर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं को उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा उत्पादों की आपूर्ति में वृद्धि की. दुर्भाग्य से विश्व व्यापार संगठन तत्परता नहीं दिखा सका.’ ये बैठक यूक्रेन-रूस युद्ध और वैश्विक खाद्य एवं ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है.

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