Wheat Procurement: पंजाब में बंद हुई 90 फीसदी सरकारी मंडियां, इस वर्ष लक्ष्य से कुल 25 फीसदी कम हुई गेहूं की खरीद

Wheat Procurement

रबी सीजन अपने समापन की ओर है. जिसके तहत रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई (Wheat Harvesting) अंतिम दौर में है. इस बीच देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों ने 1 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की सरकारी खरीद की प्रक्रिया (Wheat Procurement) शुरू की हुई है. जिसका मई के दूसरे सप्ताह को चरम माना जाता है, लेकिन इस मई में ही पंजाब में गेहूं खरीद रही मंडियां बंदी शुरू हो गई हैं. जिसके तहत पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 13 मई यानी शुक्रवार से प्रदेश में चल रही अधिकांश यानी 90 फीसदी मंडियों को बंद कर दिया है. विभान ने मंडियों में गेहूं की आवक कम होने के चलते इन्हें बंद करने का फरमान सुनाया था.

इस बार लक्ष्य से अभी तक 25 फीसदी कम हुई गेहूं की खरीद

पंजाब सरकार ने 3 मई को गेहूं खरीद रही मंडियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का फैसला लिया था. जिसके तहत 5 मई को पहले चरण में राज्य की 100 से अधिक मंडियों को बंद कर दिया गया था. वहीं दूसरे चरण में 13 मई को राज्य की 1900 से अधिकांश मंडियों को बंद कर दिया गया है. पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने गेहूं की आवक कम होने की वजह से मंडियों को बंद किया है. असल में इस बार विभाग ने 135 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन अभी तक 102 लाख टन की खरीद ही हुई है. जिसमें से 4 सरकारी एजेंसियों ने 96 लाख टन की गेहूं की खरीद की है. जबकि निजी एजेंसियों ने 6 लाख टन गेहूं की खरीद की है. इस तरह लक्ष्य से 33 लाख टन कम गेहूं की खरीद हुई है.

प्रदेश में थी 2200 मंडियां, 232 मंडियों में कुछ दिन जारी रहेंगी खरीद

मंडियों में ताजी कटी हुई गेहूं की आवक कम होने के कारण पंजाब सरकार ने गुरुवार को अधिकांश मंडियों को शुक्रवार से बंद करके खरीद कार्यों को समाप्त करने का फैसला लिया था.असल में राज्य के अंदर 2200 से अधिक मंडियां स्थापित की गई थी. इसमें से 232 मंडियों को फिलहाल चालू रखने का फैसला लिया गया है. सरकार ने जो किसान अभी गेहूं की कटाई कर ही रहे हैं, उनकी सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया है. जिसके तहत अमृतसर, तरनतारन, बठिंडा और लुधियाना, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, मोगा, मुक्तसर, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, रूपनगर में कुछ मंडियों को खुला रखा जाएगा.

13 फीसदी कम उत्पादन का अनुमान

गेहूं खरीद की प्रक्रिया प्रभावित होने का मुख्य कारण इस बार फसल खराब होने को माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में अचानक से गर्मी बढ़ने के वजह से फसल प्रभावित हुई है. इस वजह सेपिछले साल की तुलना में 13 फीसदी तक का उत्पादन हुआ है. एक अनुमान है कि पिछले साल किसानों ने जहां 48.68 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन लिया था. वह इस बार 42.07 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है.

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