Wheat Export: तुर्की ने कर दिया था रिजेक्ट, अब भारत सरकार से कई देश मांग रहे हैं गेहूं

Indina Wheat Export

कुछ समय पहले तुर्की ने भारत से निर्यात किए गए गेहूं (Wheat) को लौटा दिया था. इसके पीछे तुर्की ने गुणवत्ता मानकों में कमी का हवाला दिया था. लेकिन भारत सरकार (Government Of India) से अब कई देश गेहूं मांग रहे हैं. हालांकि गेहूं के निर्यात (Wheat Export) पर 13 मई से रोक लगी हुई है. घरेलू बाजार में खाद्यान्न की बढ़ती कीमतों के कारण भारत सरकार ने गेहूं निर्यात पर रोक लगा दी थी जो अभी भी प्रभावी है. हालांकि सरकार की तरफ से कहा गया था कि विशेष परिस्थितियों में सरकार गेहूं निर्यात की अनुमति दे सकती है. बीते साल भारत ने रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं का निर्यात किया था. इस साल भी अब तक 30 लाख टन गेहूं का निर्यात हो चुका है.

गेहूं निर्यात पर जानकारी देते हुए खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव पार्थ एस दास ने बताया कि कई देशों से गेहूं के लिए अनुरोध आए हैं. हम लोग उस पर विचार करने के बाद निर्णय लेंगे. हालांकि गेहूं के लिए अनुरोध करने वाले देशों के नाम का खुलासा संयुक्त सचिव ने नहीं किया. 13 मई को गेहूं निर्यात पर रोक लगाते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा था कि पड़ोसी और अन्य कमजोर विकासशील देशों की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए हम प्रतिबद्ध हैं, जो वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आपूर्ति नहीं ले पा रहे हैं.

कई देशों ने किया है गेहूं निर्यात के लिए अनुरोध

खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बताया कि चालू वित्त वर्ष (2022-23) में भारत ने 30 लाख टन गेहूं का निर्यात किया है. साथ ही अनाज की आपूर्ति के लिए कुछ देशों के अनुरोध पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश ने चालू वित्तवर्ष में 14 जून तक कुल 29.70 लाख टन गेहूं का निर्यात किया है. वहीं पार्थ एस दास ने निर्यात के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कुछ देशों के लिए कुछ मात्रा को मंजूरी दी गई है. बांग्लादेश को 1.5 लाख टन गेहूं निर्यात किया गया है.

भारत को कई इंडोनेशिया समेत कई खाड़ी देशों से गेहूं के लिए अनुरोध आए हैं. हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भारत से सबसे अधिक गेहूं की खरीद इंडोनेशिया और बांग्लादेश करते हैं. वहीं हाल के वर्षों में संयुक्त अरब अमीरात के गेहूं आयात में भारत का हिस्सा बड़ा है. ऐसी चर्चा है कि ओमान और यमन जैसे देश भी अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से गेहूं निर्यात को लेकर अनुरोध किया है.

गेहूं निर्यात पर रोक के बाद सरकार क्या आटा निर्यात पर रोक लगाने की तैयारी है. इस पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सुंधाशु पांडे ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है. उचित समय पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 2.59 लाख टन आटा का निर्यात किया गया है.

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