What India Thinks Today: मैं शुद्ध हवा में रहता हूं न प्रदूषित राजनीति में जाता हूं और न ही उसकी बात करता हूं : गडकरी

Gadkari

टीवी9 नेटवर्क के वैश्विक शिखर सम्मेलन व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे (What India Thinks Today) में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर देश को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लिया और इसके लिए दिन-रात काम में जुट जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि कैसे दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों को आने वाले सालों में वायु प्रदूषण से निजात मिलेगी. TV9 के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में किस प्रकार का बूम लाने की योजना है और यह बेरोजगारी को कैसे कम करेगा.

सवाल – गडकरी जी के पास ऐसा क्या मैजिक फॉर्मूला है, काम चलता रहता है, पेमेंट भी समय से होती है ओर कांट्रेक्टर का भी समय से भुगतान होता है कैसे?
जवाब – इसका श्रेय सिर्फ मुझे नहीं जाता, यह टीम स्प्रिट का कमाल है, इंजीनियर, कांट्रेक्टर सब रात दिन काम करते हैं और मैं उनके पीछे खड़ा रहता हूं, इसका श्रेय उन सब लोगों को जाता है.

सवाल – अमरावती से अकोला तक बनाई गई सड़क पर हलधर के पेड़ लगाए गए हैं, सड़क किनारे तालाब बनाए गए हैं ताकि रेन वाटर हार्वेस्टिंग हो, इनोवेशन के हिसाब से भारत इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या कर रहा है?
जवाब- ये सड़क जहां बनाई गई है वहां पानी की समस्या है, मुझे सड़क के लिए मिट्टी चाहिए थी, इसीलिए मैंने महाराष्ट्र के तत्कालीन सीएम देवेंद्र जी से कहा था कि मैं तालाबों को बनाऊंगा, जहां झील बनानी होगी बनाकर दूंगा और मैंने वो किया, सड़क किनारे 36 तालाब बनाए और उसकी मिट्टी सड़क में यूज की. इन तालाबों के कारण 10 हजार एकड़ जमीन सिंचित हुई, 22 हजार कुएं रीचार्ज हुए और 68 गांवों की पानी की समस्या हल हो गई. एक पैसा खर्च किए बिना यह प्रयोग सफल हुआ. मैंने इसे नीति आयोग को भी दिया है. पानी को जमीन में डिपॉजिट करिए, कभी पानी की समस्या नहीं होगी.

सवाल- अग्निपथ को लेकर युवा विरोध कर रहे हैं, इसे आप कैसे देखते हैं?
जवाब- दिल्ली NCR में मैं 60 हजार करोड़ की सड़कें बना रहा हूं, मेरा मिशन है कि मैं दिल्ली को जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण को खत्म कर दूं, इसके लिए जाम से निजात पानी होगी. इस साल दिसंबर तक दिल्ली से चंडीगढ़ 2:30 घंटे में, देहरादून 2 घंटे में हरिद्वार 2 घंटे में, जयपुर 2 घंटे में, अमृतसर 4 घंटे में, कटरा 6 घंटे में और दिल्ली से श्रीनगर 8 घंटे में जा सकेंगे. इनमें से 80% काम पूरा हो जाएगा. अब बात योजना की, ये बहुत अच्छी है, इसे समझना चाहिए, इससे किसी का रोजगार नहीं छिनेगा, गलतफहमी में न जाएं इससे युवाओं का और देश का कल्याण होगा.

सवाल- युवाओं की चिंता है कि चार साल बाद क्या होगा?
जवाब- इसमें किसी की नौकरी नहीं जानी है, मुझे लगता है कि युवाओं को पहले योजना को पूरी तरह समझना चाहिए, उसके विरोध करना चाहे तो ठीक है, लेकिन ये योजना रोजगार बढ़ाने वाली और युवाओं का कल्याण करने वाली है.

सवाल – चाहे सीएए-एनआरसी हो, किसानों के लिए कानून हो या फिर अग्निपथ योजना हो, लोगों को ये योजनाएं समझ में क्यों नहीं आती हैं?
जवाब – हिंदुस्तान में लोकतंत्र है, यहां सत्ता पक्ष और विपक्ष होता है और विपक्ष को सरकार की योजनाओं का विरोध करना होता है. हम गांव, गरीब, मजदूर का कल्याण करना चाहते हैं, हमारी सरकार ने गरीबों के लिए 7 साल में इतना काम कर दिया है, जितना पिछले पचास-साठ साल में नहीं हुआ था. हमारी सरकार समाज के सभी लोगों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाती है.

सवाल- आजकल टेक्नोलॉजी इंटेसिव चीजें ज्यादा हो गई हैं. पीएम का सपना है 2024-25 तक 5 ट्रिलियन इकोनॉमी का, क्या हम इस टारगेट को अचीव कर पाएंगे?

जवाब – जितने लोग हैं उतनी समस्याएं हैं, अड़चनें तो आती रहती हैं, लेकिन कई लोग समस्याओं को अवसर बना लेते हैं. मैं जब विद्यार्थी था तो चुनाव हारता था, मेरे मित्र ने मुझे एक किताब दी, उसमें सुंदर वाक्य लिखा था, ‘युद्ध में हारकर कोई समाप्त नहीं होता, जो युद्ध छोड़ देता है वो समाप्त होता है’, जिंदगी तो समस्याओं से भरी पड़ी है, इनपर जीतना ही जिंदादिली है, हम सभी समस्याओं से जीतेंगे और हिंदुस्तान को विश्वगुरु बनकर दिखाएंगे. हम जो इंपोर्ट कर रहे हैं उसका विकल्प ढूंढेंगे और एक्सपोर्ट करेंगे, रोजगार बढ़ाएंगे, 21 वीं सदी भारत की होगी.

सवाल- प्रदूषण को खत्म करने के लिए क्या योजना है?
जवाब- दिल्ली के एयर पॉल्यूशन में 40% भाग पेट्रोल और डीजल का था, अब हम इलेक्ट्रिक वाहन ला रहे हैं, जब पहले मैं ये कहता था तो लोग कई सवाल पूछते थे, लेकिन अब इलेक्ट्रिक वाहन की वेटिंग लिस्ट है. दूसरा इथेनॉल बड़े पैमाने पर तैयार हो रहा है. अब दो तीन महीने बाद आप फ्लैक्स इंजन के वाहन खरीदिए, जो इथेनॉल से चलेगी. इसकी कीमत सिर्फ 60 रुपये लीटर है. एक साल के अंदर पेट्रोल वाहन की कीमत के बराबर ही इलेक्ट्रिक इंजन और फ्लैक्स इंजन के वाहन की कीमत हो जाएगी. इसी तरह जल, ध्वनि प्रदूषण के लिए भी प्रयास कर रहे हैं.

सवाल- दिल्ली में ‘पॉलिटिकल पॉल्यूशन’ है, आपकी पार्टी के भी कुछ नेता है जो इस तरह के बयान देते हैं?
जवाब- मैं शुद्ध हवा में रहता हूं न प्रदूषित राजनीति में जाता हूं और न ही उसकी बात करता हूं. मैं अपने काम पर फोकस करता हूं, कौन क्या कर रहा है इसे नहीं देखता.

सवाल- क्या ऐसी स्थिति से आपकी पार्टी, सरकार पर असर नहीं पड़ता है?
जवाब – ये तो लंबे समय से चला रहा है, एक कवि ने कहा था कि ये देश प्रवचन और कीर्तन से सुधरा नहीं और तमाशाओं से बिगड़ा नहीं.

सवाल – राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष को टारगेट किया जा रहा है, आप इस पर क्या कहेंगे?
जवाब- मैं दूसरों की बात सोचता भी नहीं, देखता भी नहीं और करता भी नहीं, मेरा घर सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह जी के बीच में है, मेरे घर से रास्ता सीधे कांग्रेस कार्यालय तक जाता है, तो मेरे घर आने वाले लोग हैं वो आ नहीं पाते, क्योंकि रास्ता बंद कर दिया जाता है, बस इसी बात से मेरा ताल्लुक है, बाकी से नहीं.

सवाल- शिवसेना आपका सबसे पुराना साथी दल था, आज सबसे बड़ा विरोधी है, क्या उसके लिए हमेशा के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं?
जवाब- आजकल मैं महाराष्ट्र जाता नहीं, इसीलिए मुझे वहां की राजनीति के बारे में पता नहीं हैं.

सवाल- यदि कोई गलत कार पार्किंग के बारे में जानकारी देगा तो उसे 500 रुपये का ईनाम मिलेगा, क्या इससे गलत संदेश नहीं जाएगा?
जवाब- दिल्ली वालों से मेरी एक शिकायत है, ये धनवान लोग हैं बड़े-बड़े घर बनवाते हैं और गाड़ी रोड पर खड़ी करते हैं, ये ठीक नहीं है, रोड का उपयोग पार्किंग के लिए जो कर रहे यदि कोई उसकी फोटो खींचें तो उससे 1 हजार रुपये जुर्माना लिया जाए और इसमें से आधे रुपये फोटो खींचने वाले को दिए जाएं, इसके लिए सरकार से बात की जा रही है.

सवाल- आपने जल मार्ग के लिए प्रयास किया था, आपको लगता है कि उस पर अभी भी काम चल रहा है?
जवाब- जल मार्ग देश की सबसे बड़ी आवश्यकता है, रोड से जाने में 10 रुपये ट्रेन से जाने में 6 रुपये लगते हैं, लेकिन आप जल मार्ग से जाते हैं तो सिर्फ 1 रुपया लगता है. मैंने वाराणसी से हल्दिया 1350 किमी का जलमार्ग बनाया है, बाद में इसे प्रयागराज तक जोड़ा है, मेरी कल्पना थी कि सोनीपत से दिल्ली, आगरा, इटावा होते हुए प्रयागराज तक यमुना में जलमार्ग बनाया जाए. मैंने एक और कल्पना की थी दिल्ली से सी प्लेन से उड़ेंगे, 15 मिनट में आगरा में ताजमहल के पीछे उतरेंगे, सब प्रोजेक्ट तैयार थे बस वर्ल्ड बैंक को सबमिट करने थे. मैंने दिल्ली में यमुना को प्रदूषित करने के लिए छह हजार करोड़ रुपये दिए थे नमामि गंगे योजना के तहत. अब विभाग मेरे पास नहीं है, इसलिए मुझे पता नहीं कि क्या हुआ.

सवाल- कोरोना के बाद हमारे सामने बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है, इसको कैसे नियंत्रित करेंगे?
जवाब- यदि यूपी और बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में 500 इथेनॉल के प्रोजेक्ट खुलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा हम टूरिज्म को भी बढ़ावा देने के लिए सड़कें बना रहे हैं, यह बढ़ेगा तो लोगों को रोजगार मिलेगा.

सवाल- क्या आपको नहीं लगता कि अब अर्बन मनरेगा की जरूरत है?
जवाब- बिल्कुल नहीं लगता, मैं ट्रांसपोर्ट मंत्री हूं, अभी हमारी टोटल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री साढ़े छह लाख करोड़ की है, देश को सबसे ज्यादा जीएसटी और साढ़े चार करोड़ लोगों को ये रोजगार देती है, आने वाले सालों में मैं इसे 15 लाख करोड़ की करने वाला हूं. यहां कई कंपनियां हैं जो यहां से विदेशों में एक्सपोर्ट कर रही हैं. हम ऊर्जा आयात नहीं, निर्यात करने वाले बनेंगे.

सवाल- भारत में सड़क दुर्घटना बहुत बड़ी चिंता का विषय है, इसे लेकर हम क्या कर रहे हैं?
जवाब- यह ऐसा विषय है जिस पर मैं समाधान कारक काम नहीं कर सका, इसे कबूल करते समय मुझे संकोच नहीं है, तमिलनाडु की सरकार ने वर्ल्ड बैंक के सहयोग से पचास प्रतिशत दुर्घटनाएं कम हुई हैं. हम प्रयास कर रहे हैं, लोगों को भी जागरूक होना होगा और मेडिकल हेल्थ सर्विस के बारे में भी सोचना होगा. हमारी कोशिश है कि कम से कम दुर्घटनाओं में 50% की कमी लाई जाए.

सवाल- गडकरी जी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा क्या है?
जवाब- मेरी कोई महत्वाकांक्षा नहीं हैं, मैंने कभी किसी को हार नहीं डाला न ही बायोडाटा छापा, मैं अपने संसदीय क्षेत्र में भी कहता हूं कि आपने मुझे चुना, मैंने आपकी सेवा करने की कोशिश की, यदि आप चाहें तो मुझे बदल दीजिए, मैं 90% सामाजिक काम करता हूं, 10% राजनीति करता हूं. मैं अपना घर परिवार सुरक्षित करके देश के लिए कुछ करना चाहता हूं. मैंने 50 लाख करोड़ रुपये के काम आवंटित किए हैं, लेकिन में सीना तानकर ये बात कह सकता हूं कि किसी भी कांट्रेक्टर को कांट्रेक्ट के लिए मेरे घर नहीं आना पड़ा. हम रात दिन काम करेंगे और भारत को विश्व गुरु बनाएंगे.

Similar Posts