West Bengal: शिक्षकों की भर्ती में धांधली मामले में CBI जांच की प्रगति से जज नाराज, SIT का किया गठन, हाई कोर्ट करेगी निगरानी

Bengal Ssc Scam High Court

कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने स्कूल शिक्षक भर्ती (Bengal SSC Scam) मामले में सीबीआई जांच की गति पर “असंतोष” जताया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को उच्च न्यायालय से अपनी जांच पर भरोसा का आश्वासन दिया. सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के मामले की जांच के लिए जल्द ही दिल्ली से एक उच्च पदस्थ अधिकारी आने वाला है. उनके नेतृत्व में जांच जारी होगी. जांच एजेंसी के इस आश्वासन के बावजूद, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय जांच को लेकर “असंतोष” जताया और सीबीआई जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है. यह टीम कोर्ट की निगरानी में काम करेगी और जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब-तक इन जांच अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा. न्यायाधीश उन्होंने खुले तौर पर संदेह व्यक्त किया कि क्या भ्रष्टाचार के मास्टरमाइंड बिल्कुल पकड़े जाएंगे.

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने मंगलवार को टिप्पणी की कि सीबीआई जांच में बहुत प्रगति नहीं हुई है, हालांकि उनके निर्देश को काफी समय बीत चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी (पुलिस का विशेष जांच दल) सीबीआई से बेहतर है.

हाई कोर्ट की निगरानी में होगी जांच- हाई कोर्ट ने दिया आदेश

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा कि सीबीआई जांच कोर्ट की निगरानी में होगी. सीबीआई के अधिकारियों के साथ एक विशेष जांच दल होगा, जो रहेंगे उनका नाम देना होगा. सीबीआई को 17 जून के अंदर सूची देनी होगी. यह एसआईटी सीबीआई के संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी की निगरानी में काम करेगा. संयुक्त निदेशक के नाम कोर्ट को बताना होगा, जो इस मामले की जांच करेगी. अदालत ने कहा कि जांच पूरी होने तक इस टीम के किसी भी सदस्य का तबादला नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा,”अभी तक सीबीआई की जांच संतोषजनक नहीं है. मुझे उम्मीद है कि अदालत इस बात से निराश नहीं होगी कि सीबीआई इस तरह की जांच करेगी. कोर्ट ने उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी दी है.”

हाई कोर्ट के जज ने सीबीआई जांच की प्रगति पर जताया असंतोष

बुधवार को सीबीआई के वकील बिलबादल भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सिर्फ दिल्ली से एक संयुक्त निदेशक को लाया जा रहा है. अधिकारी जल्द ही राज्य में आ रहे है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत को आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर ली जाएगी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी आश्वासन दिया कि किसी भी अपराधी को रिहा नहीं किया जाएगा. सीबीआई के वकील की टिप्पणी के बाद, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कहा, “लेकिन अभी भी संदेह है कि आप कितना खर्च कर सकते हैं” मैं कहता हूं कि हम जांच को सही तरीके से लेंगे. हम आज (बुधवार) इस मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप रहे हैं. रिपोर्ट से साफ है कि सीबीआई किसी भी अन्य जांच एजेंसी से आगे है.” जज गंगोपाध्याय ने कहा, “मुझे एक और शारदा नहीं चाहिए. बाग कमेटी की रिपोर्ट हाथ में होने के बावजूद आप इतने दिनों तक कुछ क्यों नहीं कर पाए? कौन अभी तक भ्रष्टाचार के किंग पिन (मुख्य अपराधी) को हिरासत में नहीं ले पाया है? ऐसे में भ्रष्टाचार जारी रहेगा. इसे रोका नहीं जा सकता.”

Similar Posts