Uttar Pradesh: SP के प्रदेश सचिव प्रमोद कुमार मौर्य ने दिया इस्तीफा, अखिलेश यादव पर लागए जातिवादी होने के आरोप

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रदेश सचिव और पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत प्रतापगढ़ प्रमोद कुमार मौर्य ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया है कि सपा ने मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया है. इसी के साथ प्रमोद कुमार मौर्य ने पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को जातिवादी बताया है. प्रमोद मौर्य द्वारा अखिलेश यादव को लिखे पत्र में कहा गया है कि 17 फरवरी 2018 को मैंने सपा की सदस्यता अखिलेश यादव को अपना नेता मानकर ग्रहण की थी. उस समय यह लगता था कि अखिलेश यादव दलितों, पिछड़ो के नेता हैं. प्रमोद ने पत्र में लिखा कि, समाजवादी पार्टी ज्वाइन करते समय मेरे कुछ शुभ चिन्तकों ने यह कहा था कि सपा केवल एक जाति विशेष के लोगों की पार्टी है, लेकिन फिर भी मैंने आपसे प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी.

सपा की सदस्यता ग्रहण करने के उपरान्त पार्टी में कार्य करते हुए हमने यह महसूस किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव केवल अपने जाति को बड़ी जाति मानते हैं तथा पार्टी की मीटिंगों में अक्सर मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, पटेल और अन्य पिछड़ी जातियों को छोटा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं.

‘अखिलेश यादव ने आर्थिक मदद देने से कर दिया था मना’

पत्र में लिखा कि समाजवादी पार्टी में 75 जिलों में एक भी जिलाध्यक्ष मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज का नहीं है जो कि आपके समाजविरोधी होने का सबसे बड़ा प्रमाण है. कोरोना काल में हुई दुर्घटनाओं की मौत पर अखिलेश यादव द्वारा एक लाख रूपये की आर्थिक मदद की घोषणा की गई थी. उसी के क्रम में मेरे मौर्य समाज का एक व्यक्ति जो गोगौर प्रतापगढ़ का निवासी था, उसकी मृत्यु घर आते समय हो गई. उक्त पार्टी से मदद देने के लिए मैंने एस०आर०एस० यादव के माध्यम से आपसे वार्ता की तो आपने आर्थिक मदद देने से मना कर दिया. पूरे कोरोना काल में एक भी मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज के व्यक्ति को पार्टी द्वारा आर्थिक मदद प्रदान नहीं की गई.

समाज विरोधी मानसिकता है आपकी

इस तरह अन्य दुर्घटनाओं में जैसे हत्या आदि में मृत्यु होने पर भी समाजवादी पार्टी द्वारा प्रतिनिधि मण्डल भेजकर आर्थिक मदद प्रदान की जाती है. जनपद प्रतापगढ़ में अमर बहादुर मौर्य निवासी काजीपुर किलाई पट्टी प्रतापगढ़ और बैरमपुर, रानीगंज प्रतापगढ़ में मुस्लिम समाज की हत्या होने पर प्रतिनिधि मण्डल भेजा गया था. आपके द्वारा बैरमपुर, रानीगंज, प्रतापगढ़ को एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, लेकिन अमर बहादुर मौर्य के परिवार को कोई आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की गई. उक्त के सम्बन्ध में मैंने आपसे प्रदेश कार्यालय में मिलकर अवगत भी कराया था. जोकि आपकी समाज विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.

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