Uttar Pradesh: यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई छोड़ देश वापस लौटे स्टूडेंट्स ने अखिलेश यादव से लगाई गुहार, कहा- भविष्य खराब होने से बचा लो

Imgonline Com Ua Compressed V0q2mzx8qebeb

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जनपद इटावा (Etawah) सैफई के युद्धग्रस्त यूक्रेन से वापस लौटे इंजीनियरिंग और एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों-छात्राओं ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से मुलाकात करके गुहार लगाई है. अखिलेश यादव आगरा से जब अपने पैत्रक गांव सैफई पहुंचे तो इसकी जानकारी यूक्रेन से लौटे छात्र छात्राओं को मिली. तो सभी लोग एक जुट होकर उनसे मुलाकात करने पहुंचे. जहां सभी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई बीच में छोड़कर आए हुए स्टूडेंट्स की इस मांग को सरकार तुरंत माने और उन्हें यहां के मेडिकल कॉलेज में प्रैक्टिकल क्लासेज करने की अनुमति दी जाए. बाकी की पढ़ाई वो सभी ऑनलाइन कर लेंगे.

अखिलेश यादव ने कहा कि डॉक्टर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में बिना प्रेक्टिकल के उनकी शिक्षा पूरी नहीं हो सकती है. इनकी पढ़ाई पूरी हो जाएगी तो देश प्रदेश के काम आएंगे. उन्होंने कहा कि 40 मेडिकल कॉलेज का दावा करने वाले, युवाओं के भविष्य की रक्षा करें.

केंद्र सरकार पढ़ाई कराए पूरी

एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने अखिलेश यादव से मांग रखी है कि उनकी पढ़ाई युद्ध ग्रस्त यूक्रेन में अवरुद्ध हो गई है. जिसको पूरी कराने के लिए केंद्र सरकार पहल करें. इस पहल में आप अपने स्तर पर भूमिका अदा करें. इससे पहले भी इन सभी छात्र-छात्राओं ने इटावा के जिलाधिकारी से भी मुलाकात करके अपनी बात रखी थी, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रार्थना पत्र भी दिया था. जिसके बाद अब इन छात्र-छात्राओं ने सपा प्रमुख से अपनी परेशानी रखी है.

छात्रों को सता रही है भविष्य की चिंता

सभी मेडिकल छात्र-छात्राओं ने पूर्व सीएम से मांग करते हुए कहा है कि उनकी अधूरी पढ़ाई यूपी के किसी भी मेडिकल इंस्टिट्यूट में पूरी करवाई जाए. जिससे उनका भविष्य खराब होने से बच सके. छात्रों ने कहा कि उनकी यूक्रेन की यूनिवर्सिटी में बात हो रही है, लेकिन वहां के हालात ठीक नहीं है. खराब हालात के बीच वे लोग भी यूक्रेन जाना नहीं चाहते हैं. रूस और यूक्रेन की जंग में भारतीय छात्र-छात्राओं को उनका भविष्य अंधकार में दिखने लगा है. भले ही वह युद्ध क्षेत्र से निकलकर अपने घर सुरक्षित लौट आए है, लेकिन अब उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है. उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई की व्यवस्था यूपी के ही किसी कॉलेज में कराई जाए, जिससे उनकी अधूरी पढ़ाई पूरी हो सके.

यूक्रेन से लौटी छात्रा तेजस्विता यादव का कहना है कि सभी छात्र घर वापस तो आ गए, लेकिन उनकी उम्मीदें अधूरी रह गई हैं. उन्होंने कहा कि अगर वह देश में ही दोबारा पढ़ाई शुरू करते हैं, तो उनका पैसा और साल दोनों ही बर्बाद होंगे इसलिए सरकार उनकी मांग पर सुनवाई करते हुए उनका भविष्य अंधकारमय होने से बचा ले.

केंद्र सरकार के सामने रखेंगे छात्रों की समस्या

यूक्रेन से लौटी छात्रा तेजस्विता यादव का कहना है कि सभी छात्र घर वापस तो आ गए, लेकिन उनकी उम्मीदें अधूरी रह गई हैं. उन्होंने कहा कि अगर वह देश में ही दोबारा पढ़ाई शुरू करते हैं, तो उनका पैसा और साल दोनों ही बर्बाद होंगे इसलिए सरकार उनकी मांग पर सुनवाई करते हुए उनका भविष्य अंधकारमय होने से बचा ले. कोमल सिंह नाम की छात्रा का कहना है कि वह यूक्रेन में एमबीबीएस के पहले साल की छात्रा थी. वह बहुत ही उम्मीद से यूक्रेन पढ़ाई के लिए गई थीं, लेकिन वहां के हालात अचानक खराब हो गए. इस वजह से उन्हें अपनी जान बचाकर घर लौटना पड़ा. इस वजह से उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है.

उन्होंने कहा कि आगे की पढ़ाई के लिए देश की ही किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी में व्यवस्था की जाए. जिससे उनका भविष्य बर्बाद होने से बच सके. अखिलेश यादव ने यूक्रेन से लौटे सभी एमबीबीएस-इंजीनियरिंग के छात्र छात्राओं की बात को सुनने के बाद इस बात का भरोसा दिया है कि वह उनकी बात को राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष रख कर उनकी समस्या का हल निकालने में मदद करेंगे.

Similar Posts