Uttar Pradesh: भीषण गर्मी का कहर, अलीगढ़ के एक अस्पताल में 30 बच्चे भर्ती, बाकी अस्पतालों में भी हालात चिंताजनक

Malkhan Singh Hospital

यूपी के अलीगढ़ (Aligarh) के मलखान सिंह जिला अस्पताल (Malkhan Singh Hospital) में मरीजों की भीड़ लगी हुई है. लगातार पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी (Heat) का असर छोटे बच्चों पर देखने को मिला है. अस्पताल में उल्टी दस्त (Diarrhea) और बुखार के इलाज के लिए बड़ी तादाद में बच्चे (Children Ill) पहुंच रहे हैं. अस्पताल के अंदर 27 बेड बच्चों के हैं लेकिन बच्चों की अधिक संख्या होने के चलते कई बच्चों को उसी वार्ड में शिफ्ट किया गया है (Children Ward). बताया जा रहा है कि 27 बेड के वॉर्ड में 30 बच्चों को भर्ती किया गया है. चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चों में खासकर छोटे बच्चों का विशेष ख्याल रखें, छोटे बच्चों के शरीर में नमक और पानी की कमी ना होने दें. वरना छोटे बच्चों को परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है.

अस्पताल के अंदर बच्चा वार्ड में काफी तादाद में छोटे-छोटे बच्चे बुखार उल्टी दस्त एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित पहुंच रहे हैं. जहां अस्पताल के बच्चा वार्ड में महज 27 बेड उपलब्ध हैं लेकिन मजबूरी में 27 बेड पर 30 से अधिक बच्चों का उपचार किया जा रहा है. अस्पताल की कंडीशन को देखकर बच्चों के परिजन काफी चिंतित हैं. वहीं मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ ईश्वरी देवी कहती हैं कि भीषण गर्मी में मरीज बढ़ने लगे हैं, बच्चा वॉर्ड के साथ-साथ अस्पताल के सभी वार्ड पूरी तरह से फुल हैं, और जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे मरीजों की संख्या बढ़ने के ज्यादा आसार रहते हैं.

पंडित दीनदयाल और प्राइवेट अस्पतालों में भी बढ़ रहे केस

अस्पताल में आने वाले मरीजों में अधिकतर डायरिया बुखार और उल्टी दस्त के मरीज होते हैं. मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर ईश्वरी देवी का कहना है कि लोग दोपहर में घर से बाहर ना निकले बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि मलखान सिंह जिला अस्पताल के साथ-साथ पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय एवं प्राइवेट अस्पतालों में उल्टी-दस्त एवं अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक बढ़ रही है. इसलिए लोग अपने छोटे बच्चों की देखभाल करें और पानी की कमी ना होने दें. खासकर छोटे बच्चों पर गर्मी का असर ज्यादा पड़ता है इसलिए बच्चों को उल्टी दस्त की समस्या होती है, ऐसे में बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं, जिससे बच्चों के अंदर पानी की कमी ना हो.

Similar Posts