UP: ‘बुजुर्ग साधु-संतों और पुजारी-पुरोहितों के कल्याण को बनेगा बोर्ड, 12 धार्मिक सर्किट का भी होगा जल्द निर्माण’, CM योगी ने दिए निर्देश

CM Yogi Adityanath instructed to constitute a board for the welfare of elderly saints and priests

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के दोबारा सत्ता में आते ही बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों के हितों पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में सीएम योगी ने लोक कल्याण संकल्प के अनुरूप बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन करने कर निर्णय लिया है. बताया जा रहा है कि सीएम योगी ने बुधवार को 100 दिन के एजेंडे को सेट करने के लिए मंत्रिपरिषद के साथ धर्मार्थ कार्य, पर्यटन, संस्कृति और भाषा विभागों की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन देखा. इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 21वीं सदी में भारत में सांस्कृतिक नवजागरण हो रहा है.

सीएम ने आगे कहा किश्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरीडोर निर्माण, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, अयोध्या दीपोत्सव, ब्रज रंगोत्सव, काशी की देव-दीपावली, विंध्य धाम कॉरिडोर, नैमिष तीर्थ, शुक तीर्थ पुनरुद्धार, मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 100 साल बाद वापस प्रतिष्ठापित होना अद्भुत है. यह पूरे विश्व में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन देने वाले हैं. इतना ही नहीं, सीएम ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के कोशिशों से उत्तर प्रदेश नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बन रहा है. इसे आगे जारी रखने के लिए विभागों को निर्देश भी दिए.

12 धार्मिक सर्किट का जल्द हो निर्माण

सीएम ने कहा कि यूपी में चिन्हित 12 परिपथ के विकास के कार्यों को तय समय में पूरा किया जाए. रामायण परिपथ, बुद्धिष्ट परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ, शक्ति पीठ परिपथ, कृष्ण/ब्रज परिपथ, बुंदेलखंड परिपथ, महाभारत परिपथ, सूफी परिपथ, क्राफ्ट परिपथ, स्वतंत्रता संग्राम परिपथ, जैन परिपथ एवं वाइल्ड लाइफ एंड इको टूरिज्म परिपथ पर्यटन को नई पहचान देंगे. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश दिवस की तर्ज पर जनपद/गांव/नगर के इतिहास के प्रमुख दिवस पर विशेष आयोजन कराए जाएं.

साधु-संतों और पुजारी-पुरोहितों के कल्याण के लिए बोर्ड बनेगा

सीएम ने निर्देश दिए कि बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाना है. इसे जल्द से जल्द तैयार करने की कोशिश होनी चाहिए. प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर एवं वाराणसी में ‘भजन संध्या स्थल तैयार कराने के निर्देश भी दिए. साथ ही अगले 100 दिनों के भीतर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली का विकास किया जाना चाहिए. जिसमें मंदिरों का विवरण, इतिहास, रूट मैप आदि की जानकारी हो.

यह भी दिए निर्देश

  • उत्तर प्रदेश दिवस की तर्ज पर जनपद/गांव/नगर के इतिहास के प्रमुख दिवस.
  • अयोध्या धाम में जन्मभूमि पथ और अयोध्या मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी होते हुए रामजन्मभूमि तक ‘भक्ति पथ’ चार लेन मार्ग के निर्माण.
    जनपद प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर एवं वाराणसी में भजन संध्या स्थल.
  • सूरदास ब्रजभाषा अकादमी, गोस्वामी तुलसीदास अवधी अकादमी, केशवदास बुंदेली अकादमी, संतकबीरदास भोजपुरी अकादमी की स्थापना.

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