UP के बिकरू कांड में चला बुलडोजर अब पहुंचा दिल्ली के जहांगीरपुरी तक, 6 साल में 6 राज्यों का तय किया सफर

Uttar Pradesh Bikru incident bulldozer travelled 6 states in 6 years and reached Delhi Jahangirpuri

दिल्ली (Delhi) के जहांगीरपुरी इलाके (Jahangirpuri) में हुई हिंसा के बाद प्रशासन-सरकार ने सख्त रूख अपनाया है. बुधवार को दिल्ली एमसीडी जहांगीरपुरी में अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. दो घंटे की कार्रवाई में कई मकानों के हिस्से और दुकानें तोड़ दिए गए. खास बात यह है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर मॉडल’ को दूसरों राज्यों में भी पसंद किया जाने जगा है. जिसके कारण 6 साल में बुलडोजर मॉडल ने 6 राज्यों का सफर तय कर लिया है. यही कारण रहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी ‘बुलडोजर मॉडल’ एक अहम मुद्दा बना रहा. इसी वजह से विपक्षी दलों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ का नाम दे दिया. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो योगी सरकार में बुलडोजर का जितना इस्तेमाल हुआ है, उतना किसी सरकार में नहीं हुआ.

2017 में अपराधियों और माफियाओं के घर चलने वाला बुलडोजर 2022 में पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ रफ्तार पकड़ रहा है. इन 6 सालों में बुलडोजर ने यूपी से मध्य प्रदेश के खरगौन फिर गुजरात के खंभात और उत्तराखंड के बाद दिल्ली का सफर तय किया है.

आइए आपको रूबरू कराते हैं 6 साल का सफर 6 मिनट में…

2017 में योगी सरकार के आते ही यूपी से शुरू हुआ बुलडोजर का सफर

बता दें, साल 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अस्तित्व में आई. अपराधियों और माफियाओं के घर पर बुलडोजर चलने लगे. जुलाई 2020 में कानपुर के बिकरू के मुख्य आरोपी विकास दुबे को पकड़ने के लिए उसकी कोठी पर बुलडोजर चला दिया था. इसके बाद अपराधियों की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई करने वाला योगी का ‘बुलडोजर मॉडल’ लाइम लाइट में आ गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी में योगी सरकार ने 24 से ज्यादा माफियाओं के घर बुलडोजर चलाए हैं और 1500 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है. फरवरी 2021 में सरकार ने विधान परिषद में बताया था कि 2017 में बीजेपी सरकार आने के बाद से अब तक 67 हजार एकड़ से ज्यादा की जमीन को अतिक्रमण से छुड़ाया गया है. वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा’ नाम दिया.

MP के सीएम बने ‘बुलडोजर मामा’

वहीं, साल 2022 में उत्तर प्रदेश से होता हुआ बुलडोजर मध्य प्रदेश पहुंच गया. पिछले महीने श्योपुर जिले में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप के आरोपियों के घर बुलडोजर से गिरा दिए गए. एक आरोपी की फसल भी जेसीबी से नष्ट कर दी गई. इसके बाद सिवनी के कुरई में दुष्कर्म के आरोपी का घर भी बुलडोजर से ढहा दिया गया. वहीं, सीएम शिवराज ने कहा कि अपराधियों को राज्य में टिकने नहीं दूंगा. उधर, भोपाल की हुजूर सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘बुलडोजर मामा’ नाम दिया. रामेश्वर शर्मा ने अपने घर के बाहर होर्डिंग लगवाया, जिस पर लिखा था ‘बेटी की सुरक्षा में जो बनेगा रौड़ा, मामा का बुलडोजर बनेगा हथौड़ा.’ वहीं, बीती 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन खरगोन में हिंसा हुई. शिवराज सरकार ने हिंसा के आरोपियों के घर को बुलडोजर से ढहा दिया.

गुजरात पहुंचा बुलडोजर

मध्य प्रदेश के बाद बुलडोजर गुजरात आ पहुंचा. यहां के खंभात में रामनवमी के दिन सांप्रदायिक हिंसा हुई. हिंसा के बाद आणंद जिले के कलेक्टर के आदेश पर खंभात में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया. ये बुलडोजर अवैध दुकानों, घरों और सड़क किनारे बनी झुग्गियों पर चला. प्रशासन ने कहा कि यह बुलडोजर हिंसा के आरोपियों के अवैध कब्जों पर चलाया गया है.

उत्तराखंड में बुलडोजर की गर्जरना

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में दोबारा पुष्कर सिंह धामी की सरकार बनने के बाद अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, हनुमान जयंती पर डाडा जलालपुर में शोभायात्रा में हुए पथराव के बाद प्रशासन आरोपियों के घर पर बुलडोजर लेकर भी पहुंच गए. बताया जा जा रहा है कि बुलडोजर पहुंचने के बाद दो आरोपियों ने खुद ही सरेंडर कर दिया.

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