SSC भर्ती घोटाला: VC गिरफ्तार, 14000 पन्नों में सबूत, 172 पेज की चार्जशीट पेश

Partha And Arpita

पश्चिम बंगाल में शिक्षकों की भर्ती घोटाले में सीबीआई ने सोमवार को फिर बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर सुबिरेश भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है. वह पहले स्कूल भर्ती आयोग के पूर्व चेयरमैन थे. चेयरमैन रहते हुए शिक्षकों की भर्ती में उन पर घोटाला का आरोप लगाया था. वह 2014 से 2018 तक एसएससी के चेयरमैन थे. बता दें कि इस मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित कई पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने गिरफ्तार किया था, लेकिन फिलहाल वह सीबीआई की हिरासत में हैं.

दूसरी ओर, एसएससी भर्ती घोटाले में सोमवार को ईडी ने चार्जशीट दायर की है. इस चार्जशीट में कुल छह कंपनियों और पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को आरोपी बनाया गया है और 14000 पेज का साक्ष्य पेश किया, जबकि 172 पेज की चार्जशीट दायर की है.

बैंकशॉल कोर्ट में ईडी ने पेश की चार्जशीट

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षकों की भर्ती में ‘भ्रष्टाचार’ के मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल के पदाधिकारी पार्थ चटर्जी और उनके ‘करीबी’ कहे जाने वाले अर्पिता मुखोपाध्याय के खिलाफ चार्जशीट पेश की. चार्जशीट औरस्तावेजों को एक ट्रंक में बैंकशाल कोर्ट ले जाया गया. ईडी के सूत्रों के मुताबिक पार्थ और अर्पिता के नाम 103 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. ईडी के सूत्रों के मुताबिक खबर, पार्थ और अर्पिता के खिलाफ मूल आरोपपत्र 172 पेज लंबा है. इसके पास बड़ी मात्रा में दस्तावेज भी हैं. सोमवार को चार्जशीट और दस्तावेज एक ट्रंक में बैंकशाल कोर्ट परिसर ले गए. जांच एजेंसी ने पहले चरण की जांच में कहा था कि भर्ती ‘भ्रष्टाचार’ मामले में पार्थ और अर्पिता के नाम करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली है. अर्पिता के दो फ्लैटों से करोड़ों की नकदी और सोने के जेवरात बरामद किए गए. संयोग से कई दौर की तलाशी में नकदी की बरामदगी के बाद इसे कई ट्रंकों में भी ले जाया गया.ईडी ने पार्थ और अर्पिता की गिरफ्तारी के 58 दिन बाद चार्जशीट दाखिल की. सबूतों का पहाड़ और चार्जशीट को कोर्ट में दो हिस्सों में ले जाया गया.

ईडी ने जब्त की 103 करोड़ की संपत्ति

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) संलग्न संपत्तियों को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के स्वामित्व में लाभकारी पाया गया है. कई संलग्न संपत्तियों को नकली कंपनियों और फर्मों और पार्थ चटर्जी के लिए प्रॉक्सी के रूप में काम करने वाले व्यक्तियों के नाम पर रखा गया था. ईडी इससे पहले शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाने के बाद 23.07.2022 को पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार कर चुका है. ईडी ने इससे पहले कुल रुपये की नकद राशि जब्त की थी. 49.80 करोड़ और सोने और आभूषण रुपये से अधिक मूल्य की जब्ती के साथ 103.10 करोड़ जब्त किये गये हैं.