Shatabhisha Nakshatra: दूसरों को ऊपर उठाने के लिए शतभिषा नक्षत्र के लोग झोंक देते हैं सारी ताकत, कड़वी ज़बान पैदा कर सकती है समस्याएं

शतभिषा राशिचक्र का चौबीसवां नक्षत्र है, जो कुंभ राशि के तारामंडल में धुंधले तारों के विशाल समूह के बीच स्थित है. यह कुंभ राशि में 6 डिग्री 40 मिनट से 20 डिग्री 0 मिनट तक फैला हुआ है.

शतभिषा नक्षत्र

शतभिषा राशिचक्र का चौबीसवां नक्षत्र है, जो कुंभ राशि के तारामंडल में धुंधले तारों के विशाल समूह के बीच स्थित है. यह कुंभ राशि में 6 डिग्री 40 मिनट से 20 डिग्री 0 मिनट तक फैला हुआ है. इसका स्वामी शनि है. शतभिषा को देवताओं का वैद्य भी माना जाता है. इसका शाब्दिक अर्थ है, सौ वैद्य. शतभिषा का दूसरा अर्थ है, सौ (100) तारे. शतभिषा का स्वामी राहु ग्रह है, जिसे छायादार ग्रह माना जाता है. यह कर्मों को भी सुधारता है. राहु राशिचक्र का सबसे अधिक रहस्यमय ग्रह है. इसे सहस्र-कमल के साथ जोड़कर भी देखा जाता है, जो शताधिक तारामंडल का निर्माण करता है. इसका मूल और तृतीय गुण है सत्व अर्थात् सामंजस्य जबकि दूसरे स्तर पर है तमस अर्थात् अकर्मण्यता. शतभिषा का देवता है वरुण, जो बुद्धि प्रदाता है. इस नक्षत्र मंडल की मूल प्रेरक शक्ति है धर्म अर्थात् गौरव या सिद्धांत.

नक्षत्र की पौराणिक कथा और उसका आकार

फूल सर्वाधिक शुभ प्रतीक है जो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किये जाने वाले प्रयासों का अभीष्ट फल है. इस अर्थ में शतभिषा के पुष्पित होने का अर्थ है उस लक्ष्य की प्राप्ति, जिसके कारण हम अस्तित्व में आये हैं. यह उस सृष्टि का भी संकेत देता है जो पूरी तरह से खिली हुई है. शतदल पुष्प के खिलने का अर्थ है बहु-आयामी विकास प्रक्रिया की पूर्णता. हम मनुष्यों के लिए यह शतदल कमल या क्राउन चक्र से जुड़ा है.इस शक्ति को कुंडलिनी शक्ति कहा जाता है. जब कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है तभी मनुष्य जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त होता है.

शतभिषा का दूसरा अर्थ है सहस्र वैद्य जो अमरता के दिव्य अमृत से भरे रहस्यमय कलश को उड़ेलता है. इन संदर्भों से पता चलता है कि शतभिषा समूचे मनुष्य को रूपांतरित करने में सक्षम है. इसका प्रभाव इतना होता है कि इससे व्यक्ति में मिशनरी जोश और उत्साह भर जाता है. वह अपने आध्यात्मिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार के दुनिया के सुखों का आसानी से त्याग कर सकता है. शतभिषा का स्वामी देवता है वरुण, जो आरंभिक वैदिक देवता है. उसे ब्रह्मांड का असीम ज्ञान प्राप्त है. वेदों में लिखा है कि वह संपूर्ण मानवता और पृथ्वी को एक साथ रख सकता है. उसे भगवान भी माना जाता है, जिसने स्वर्ग में सुनहरी धूप बनायी है. वह हवा बनायी है जिसकी खुशबू उसकी साँसों में बसी हुई है. वह सच और झूठ को सही ढंग से तौल सकता है. उसने ऋषि वशिष्ठ को विश्व का रहस्य बताया है, जिसे कोई दूसरा आदमी नहीं जान सकता. वरुण, प्रतिभा और दया की रहस्यमयी शक्तियों को नियंत्रित और निर्देशित करता है, ताकि मनुष्य शतभिषा के प्रभाव से आसानी से अपना रूपांतरण कर सके और खुद प्रकाश की किरण बन सके. राहु इस नक्षत्र मंडल का स्वामी है जो अपने चक्र के चारों ओर फैली छह रहस्यमयी शक्तियों को भी नियंत्रित करता है.

गुण और प्रेरक शक्ति

शतभिषा का प्राथमिक और तृतीय गुण है सत्व, लेकिन द्वितीय स्तर पर तमस या अकर्मण्यता है. यदि हम किसी भी दृष्टि से शतभिषा का विश्लेषण करें तो एक ऐसा चित्र मन में साफ़ दिखायी देता है कि शतभिषा पूर्णता को दर्शाता है. सहस्रों तारों का प्रतिनिधित्व करने वाला सहस्रदल पुष्प यह संकेत देता है कि प्रकृति और मनुष्य दोनों में पूरी तरह खिलने की क्षमता है. प्रकृति के संदर्भ में यह प्रक्रिया अपने-आप ही पूरी होती है, क्योंकि यह मनुष्य के समान प्रदूषित नहीं है, जबकि मनुष्य अपनी विचार प्रक्रिया के कारण प्रदूषित हो गया है. प्रकृति की शुद्धता संसार में कहीं भी देखी जा सकती है, लेकिन मनुष्य के संदर्भ में ऐसा कम ही होता है. ऐसा कम ही देखा गया है कि कोई भी मनुष्य कभी पूरी तरह से खिला हो या ज्ञान से आलोकित हुआ हो. कुंडलिनी शक्ति बहुत कम ही जागृत होती है. कदाचित् तमस गुण जो मध्य स्तर पर हावी रहता है. इसकी जागृति में बहुत बड़ी बाधा है. परंतु यह नक्षत्र उन लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर प्रदान करता है, जो तमस गुण की निगेटिविटी को भेदकर आगे बढ़ना चाहते हैं. नक्षत्र मंडल की प्राथमिक प्रेरणा है धर्म. अगर कोई धर्म के रास्तें पर चलता है तो बुद्धि प्रदाता वरुण देवता मनुष्य की आत्मा को अंतरिक्ष के ऊंचे स्तर पर ले जा सकता है.

नक्षत्र के गुण और व्यक्तित्व

आपकी ताकत

शतभिषा-राहु-शनि का समन्वय शुरुआती बाधाओं के बावजूद सामंजस्य स्थापित करता है. आपको ऐसी प्रतिभा की रहस्यमयी शक्ति का वरदान प्राप्त है, जो आपको रूपांतरित करने में सक्षम है. आपके व्यक्तित्व का मूल उद्देश्य है क्रांतिकारी प्रक्रिया से गुज़रना और रहस्यमय ज्ञान प्राप्त करके आप दूसरों को ऊपर उठाने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक देते हैं. आपमें जबर्दस्त जोश होता है और आप तब तक चैन से नहीं बैठते जब तक कि आप अपना नज़रिया दूसरों को समझा नहीं देते.अक्सर आप दुनिया के लिए भावी विचारों को लेकर जन्म लेते हैं.आप पुरानी ज़िंदगी के आधार पर नयी ज़िंदगी के सृजन के लिए हमेशा प्रेरित रहते हैं और अपने आपको अपने ढंग का विचारक मानते हैं. आप बहुत व्यावहारिक होते हैं और पहले अपने कर्तव्य का पालन करते हैं और फिर व्यक्तिगत संतोष या आत्मगौरव के बारे में सोचते हैं. आप उस फूल की तरह होते हैं जिसकी खूबसूरती और सुगंध दूसरों के लिए होती है, ना कि अपने लिए.

एक व्यावहारिक व्यक्ति होने के नाते आप अपनी व्यक्तिगत छवि के लिए बहुत चिंतित रहते हैं, सामाजिक होते हैं और दुनिया के बदलते तौर-तरीकों के अनुरूप अपने आपको ढालने के लिए भी तैयार रहते हैं. आप जानते ही हैं कि मज़बूत शरीर में मज़बूत दिमाग रहता है, जिसका उपयोग कारगर ढंग से इस दुनिया में किया जा सकता है. आप अपनी चेतना के विकास के लिए काम करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि आप मानते हैं कि मन, शरीर और बुद्धि की ट्यूनिंग से क्या नहीं हो सकता. कभी-कभी आप खुद ही अपने-आप पर कुछ पाबंदियां लगा देते हैं ताकि आपका व्यवहार ज्यादा संयम रहे और आप कर्तव्य-भावना से प्रेरित होकर काम करते रहें. अपने मिशनरी जोश और उत्साह के कारण आप आसानी से अपनी मंज़िल प्राप्त कर लेते हैं. आपका पक्का विश्वास होता है कि अनंत ब्रह्मांड ज्ञान और ऊर्जा से भरपूर है और हर उस व्यक्ति पर वर्षा करने के लिए उद्यत है जो इसे लेने के लिए तैयार है. आपको पूरा अधिकार है कि आप खुद अपने लिए और दूसरों के लाभ के लिए भी इसका उपयोग करें. यही आपका नज़रिया है जो आपको दूसरों से अलग कर देता है.

आपकी कमजोरियां

आपके व्यक्तित्व का दूसरा पहलू है, अकेलापन और अवसाद. कभी-कभी आपको लगता है कि ज़िंदगी का मतलब है सिर्फ़ ड्यूटी और आपको कुछ पाबंदियों के साथ इसका पालन करना ही पड़ता है. अगर आप अधिक तकलीफ़ सहते हैं और बेपरवाही से काम लेते हैं तो अपने लिए और बड़ी मुसीबत मोल ले सकते हैं. निश्चय ही आपका बचपन बहुत तकलीफ़ों से भरा और अस्थिर रहा होगा और उसका प्रभाव आपके स्मृति पटल पर बहुत समय तक रहेगा. आप बहुत कर्कश हो सकते हैं और आपकी कड़वी ज़बान आपके लिए समस्याएं पैदा कर सकती हैं.

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लेखक के बारे में: डॉ. अजय भांबी, ज्योतिष का एक जाना-पहचाना नाम हैं. डॉ. भांबी नक्षत्र ध्यान के विशेषज्ञ और उपचारकर्ता भी हैं. एक ज्योतिषी के रूप में पंडित भांबी की ख्याति दुनिया भर में फैली है. इन्होंने अंग्रेजी और हिंदी भाषा में कई किताबें लिखी हैं. साथ ही वह कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेख लिखते हैं. उनकी हालिया किताब प्लैनेटरी मेडिटेशन- ए कॉस्मिक अप्रोच इन इंग्लिश, काफी प्रसिद्ध हुई है. थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री द्वारा बैंकाक में उन्हें World Icon Award 2018 से सम्मानित किया गया. उन्हें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है.

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