Russia Ukraine War: अब युद्ध का अंत चाहते हैं पुतिन, पूर्वी यूक्रेन पर आया पूरा फोकस, राष्ट्रपति जेलेंस्की भी बोले- आखिरी लड़ाई अब शुरू

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यह बात पूरी दुनिया जान चुकी है कि यूक्रेन ने जिस बहादुरी से जंग (Russia Ukraine War) लडी है और खुद को डिफेंड किया है, उसको पुतिन की हार के तौर पर देखा जा रहा है. पुतिन के लिए इस वक्त “DO OR DIE” वाली सिचुएशन तैयार हो चुकी है. इसीलिए अब यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ “नो मर्सी” वाले ऑर्डर्स भी जारे करने की बात सामने आ रही है. वेस्टर्न कंट्रीज के मुताबिक, इसी हताशा में पुतिन न्यूक्लियर हमले का ऑर्डर भी दे सकते हैं. ताकि नौ मई से पहले मॉस्को में फेस सेविंग के तौर पर रूस की जनता को कुछ तो बता सकें. कुछ तो कह सकें.

यकीनन पुतिन के सामने मुश्किलों का माउंट एवरेस्ट है. लेकिन 55 दिनों तक रूस जैसे देश की जंगी ताकत को रोके रखना यूक्रेन की बड़ी विक्ट्री है. पिछले 55 दिनों में एक दिन भी ऐसा नहीं बीता जब पुतिन की सेना बारूदी अवतार में नहीं दिखी. कीव हो या खारकीव, डोनबास हो या मारियुपोल…रूस लगातार तोप और गोले बरसाता रहा है. रूस (Russia) की मिसाइलें आग बरसाती रही हैं. रूस यूक्रेन की सरहद में आने वाली पूरी धरती को मिट्टी में मिला देने पर तुला रहा है. लेकिन इस बीच बड़ी खबर है कि क्रेमलिन का ग्लोबल फियर अब बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है.. क्योंकि पुतिन ने अपना प्लान बदल दिया है. रूस ने यूक्रेन में 12 सौ टारगेट पर एक साथ भीषण बमबारी शुरू कर दी है.

रूस ने यूक्रेनी सेना को दी आखिरी चेतावनी

सबसे ज्यादा तीखा हमला पूर्वी यूक्रेन पर किया गया है. डोनेत्स्क, लुहांस्क और खारकीव में ही रूस ने एक रात में इतने बम बरसाए हैं जितने शायद 55 दिनों में ना बरसे हों. रूस ने यूक्रेनी सेना को आखिरी चेतावनी भी दी है कि जिंदा रहना चाहते हैं तो हथियार डाल दें. साफ है रूस ने यूक्रेन की सेना से हथियार डालकर सरेंडर करने को कहा है. रूस पूर्वी यूक्रेन पर घातक प्रहार कर रहा है. दरअसल ये पूर्वी यूक्रेन पर कब्जे के लिए रूस की बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. क्योंकि डोनबास की तरफ जाने वाली सड़क पर फिर से सैकड़ों टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां खड़ी देखी गई हैं.

डोनेस्क और लुहांस्क में मचेगी तबाही!

TV9 भारतवर्ष ने 24 घंटे पहले जिस डोनबास रीजन में भीषण युद्द की भविष्यवाणी की थी, इसको लेकर अब प्रेसिडेंट जेलेंस्की भी कह रहे हैं कि डोनबास रीजन में क्रेमलिन का ग्लोबल फीयर चरम पर पहुंच गया है. डोनबास पर कब्जे को लेकर आर-पार की जंग शुरू हो गई है. सवाल है कि क्या डोनेस्क और लुहांस्क में और घातक हमले होने वाले हैं? क्या डोनबास में बूचा और मारियुपोल से भी ज्यादा तबाही आएगी. क्योंकि त्रासदी का ये डर…ये विध्वंसक खौफ…ये विनाशक दहशत और बारूदी आशंकाएं यूं ही नहीं है. जो अब तक दुनिया ने देखा, उससे ज्यादा बर्बादी की आहट इसलिए सुनाई पड़ रही है क्योंकि प्रेसिडेंट पुतिन के डोनबास प्लान का खुलासा हो चुका है.

पुतिन ने अपनी बारूदी रणनीति को किया एक्टिवेट

जिद्दी पुतिन ने अपनी हार और हताशा को कम करने के लिए नई बारूदी रणनीति को एक्टिवेट कर दिया है. खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी ये कह रहे हैं कि डोनबास की आखिरी लड़ाई अब शुरू हो गई है और रूस ने डोनबास में यूक्रेनी डिफेंस को तोड़ना शुरु कर दिया है. पुतिन पूर्वी यूक्रेन पर फोकस कर रहे हैं और डोनबास को कब्जे में लेने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, वो सबसे पहले रूस समर्थित इलाके को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं. पूर्वी यूक्रेन में ही क्रीमिया रूसी नियंत्रण वाला इलाका है. इसी इलाके में खारकीव है जो अब करीब करीब रूस के हाथ में है.

जीत के साथ युद्ध का अंत चाहता है रूस

लुहांस्क-डोनेत्स्क विद्रोहियों वाला इलाका है जिस पर रूस का दखल तो है लेकिन पूरा नियंत्रण नहीं है. अब पुतिन लुहांस्क-डोनेत्स्क पर पूरा नियंत्रण चाहता हैं. जाहिर है जंग के लंबा खिंचने से पुतिन काफी परेशान है. वो अब हर हाल में इस युद्ध का जीत के साथ अंत करना चाहते हैं. लिहाजा उन्हें पूर्वी यूक्रेन एक ऐसा टारगेट दिख रहा है जिस पर पूरी ताकत झोंकने से नतीजा निकल सकता है.

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