Rocketry Trailer 2 : आर. माधवन की फिल्म ‘रॉकेट्री’ का दूसरा ट्रेलर रिलीज, दमदार डायलॉग से दर्शकों की बटोर रहे हैं तारीफें

ट्रेलर का एक दृश्य
बॉलीवुड एक्टर आर. माधवन की बहुचर्चित फिल्म ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ (Rocketry The Nambi Effect) का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि हाल ही में इस फिल्म का नया पोस्टर और गाना भी रिलीज किया गया था. अब फिल्म को लेकर दर्शकों की बढ़ती उत्सुकता को देखते हुए निर्माताओं ने इसके दूसरे हिंदी ट्रेलर को भी रिलीज कर दिया है. वही, फिल्म का दूसरा ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसे दर्शकों का प्यार भी मिल रहा है. गौर हो कि ये एक बोयपिक फिल्म होगी. इस फिल्म को खुद आर. माधवन ने ही डायरेक्ट भी किया है. आर. माधवन इस फिल्म से अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू करने जा रहे हैं.

कैसा है फिल्म का ट्रेलर?

फिल्म के ट्रेलर में आप देख सकते हैं कि आर. माधवन ने इसरो के एक वैज्ञानिक की भूमिका निभाई है. ट्रेलर की शुरुआत नांबी नारायण का किरदार निभा रहे आर माधवन के साथ मारपीट से होती है.उन्होंने शानदार तरीके से अपने किरदार को निभाया है. बता दें कि नांबी नारायण को देश से गद्दारी करने के झूठे आरोपों में फंसाने की कहानी को इस ट्रेलर में शानदार तरीके से दिखाया गया है. आर. माधवन का एक डायलॉग आपको बेहद प्रभावित करने वाला है. आर. माधवन बोलते हैं- ‘किसी को बर्बाद करना हो तो अफवाह फैला दो कि वो देशद्रोही है…’ रॉकेट्री का दूसरा ट्रेलर भी दमदार के साथ मजेदार और थ्रिलिंग भी है. आप इस फिल्म के ट्रेलर को आखिर तक देखना पसंद करेंगे. यहां देखें ट्रेलर..

शानदार है कि आर. माधवन का किरदार

आर. माधवन ने शानदार किरदार निभाया है. माधवन वैसे भी एक नैचुरल एक्टर हैं. बता दें कि ट्रेलर में देशभक्ति की फीलिंग को बरकरार रखा गया है. नांबी के कैरेक्टर में माधवन भी काफी हद तक ढलते नजर आए हैं. फिल्म ट्रेलर में नांबी पर हुए अत्याचार की भी पूरी झलक दिखाई गई है. रॉकेट्री के दूसरे ट्रेलर में साइंटिस्ट के 27 से 70 साल की उम्र तक के जीवन के किरदार को निभाने वाले माधवन में जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन दिख रहा है.

क्या है फिल्म की कहानी?

आपको बता दें कि फिल्म ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ की कहानी एक एयरोस्पेस इंजीनियर नांबी नारायणन की निजी जिंदगी पर बेस्ड है. नांबी को एक जासूसी कांड में फंसा दिया गया था. नवंबर 1994 में नांबी नारायणन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ी कुछ गोपनीय सूचनाएं विदेशी एजेंटों से साझा की थीं. इसी साल यानी 1994 में नांबी नारायणन को केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. वह स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन बनाने में लगे थे. हालांकि, सीबीआई जांच में ये पूरा मामला झूठा निकला.

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