Rice Export: भारतीय चावल का पूरी दुनिया में जलवा, दो साल में तीन गुना हुआ एक्सपोर्ट

Rice Export

भारत के गैर बासमती चावल का जलवा कायम है. इसकी मांग लगातार दुनिया भर में बढ़ रही है. चावल निर्यात (Rice Export) दो साल में ही तीन गुना बढ़ गया है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स (DGCIS) के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2019-20 में 2015 मिलियन डॉलर के बराबर के गैर बासमती चावल का निर्यात किया था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2020-21 में 4799 मिलियन डॉलर जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में 6115 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में दुनिया भर के 150 से अधिक देशों को चावल का निर्यात किया. वित्त वर्ष 2021-22 में रिपोर्ट किए गए 150 से अधिक देशों में से 76 को एक मिलियन डॉलर (Dollar) से अधिक का निर्यात हुआ. सभी कृषि वस्तुओं के बीच सबसे अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला चावल ही है.

अपने एक ट्वीट में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां किसानों (Farmers) को वैश्विक बाजार तक पहुंच प्राप्त करने एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहायता कर रही हैं. उधर, डीजीसीआईएस ने कहा कि गैर-बासमती चावल निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के 2925 मिलियन डॉलर था. भारत में रिकॉर्ड चावल उत्पादन ने एक्सपोर्ट की संभावना को और बढ़ा दिया है. हालांकि, बासमती चावल (Basmati Rice) का एक्सपोर्ट करीब 12 फीसदी घट गया है, जो किसानों और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय है.

चावल उत्पादन में रिकॉर्ड बनने का अनुमान

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अध्यक्ष डॉ. एम अंगमुथु ने कहा, “विदेशी मिशनों के सहयोग के साथ हमारे पास लॉजिस्टिक विकास है. गुणवता ऊपज के उत्पादन पर फोकस है. इसकी वजह से चावल निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिला है.” देश के प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम और हरियाणा शामिल हैं. वित्त वर्ष 2021-22 के लिए द्वितीय अग्रिम आकलन के अनुसार, चावल का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 127.93 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो पिछले पांच वर्षों के 116.44 मिलियन टन के औसत उत्पादन की तुलना में 11.49 मिलियन टन अधिक है.

किन देशों में किया गया एक्सपोर्ट

पश्चिमी अफ्रीकी देश बेनिन भारत से गैर बासमती चावल के प्रमुख आयातक देशों में से एक है. इसके अलावा नेपाल, बांग्लादेश, चीन, टोगो, सेनेगल, गिनी, वियतनाम, जिबोटी, मेडागास्कर, कैमरून, सोमालिया, मलेशिया, लाइबेरिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि भारतीय चावल के मुरीद हैं. वित्त वर्ष 2020-21 में, भारत ने तिमोर-लेस्टे, प्यूओर्टो रिको, ब्राजील, पपुआ न्यू गिनी, जिम्बाब्वे, बुरुंडी, एस्वाटिंनी, म्यांमार तथा निकारगुआ को गैर बासमती चावल का निर्यात किया. इनमें से कई में पहली बार निर्यात किया गया.

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है भारत

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद, भारत अफ्रीकी, एशियाई तथा यूरोपीय संघ के बाजारों में अपने चावल निर्यात की उपस्थिति लगातार बढ़ता रहा है. मजबूत वैश्विक मांग से भी चावल निर्यात में भारत की वृद्धि को सहायता मिली है. भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है. रिकॉर्ड निर्यात चावल उत्पादकों को अपने भंडार को कम करने में सक्षम बनाएंगे तथा किसानों को भी लाभ पहुंचाएंगे. क्योंकि भारतीय चावल के लिए बढ़ी हुई मांग से उनकी प्राप्ति में सुधार आने की संभावना है.

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