Rajasthan Assembly Election: आदिवासी इलाकों से बजेगा BJP का चुनावी बिगुल, अमित शाह के सम्मेलन से दो राज्यों को साधने की कोशिश

Shah Rajasthan

राजस्थान विधानसभा चुनावों (Rajasthan Assembly Election) से साल भर से भी पहले बीजेपी और कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी है. जहां कांग्रेस आने वाले दिनों में चिंतन शिविर का आयोजन कर रही है वहीं बीजेपी (bjp) में लगातार दिल्ली से नेताओं का आवागमन प्रदेश में हो रहा है. इसी कड़ी में आगामी चुनावों को देखते हुए बीजेपी अपना चुनावी अभियान मेवाड़ से शुरू करने जा रही है. उदयपुर के आदिवासी बाहुल्य (adivasi voters) क्षेत्रों में मई महीने में गृहमंत्री अमित शाह (amit shah) आ रहे हैं जिसके बाद यह तय माना जा रहा है कि इस इलाके में एक आदिवासी सम्मेलन होगा. बीजेपी (bjp mission 2023) के लिए गुजरात बॉर्डर के नजदीक होने के चलते दोनों राज्यों के आदिवासियों को टारगेट करना आसान होगा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मई महीने के आखिरी सप्ताह 25 मई के आस-पास राजस्थान दौरान कर सकते है जहां वह बेणेश्वर धाम या ऋषभदेव जाएंगे जहां बीजेपी के आदिवासी सम्मेलन की तैयारी भी की जा रही है.

बता दें कि राजस्थान बॉर्डर से सटे गुजरात में भी आदिवासी आबादी है ऐसे मे भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) और कांग्रेस के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमित शाह इन इलाकों से ही मिशन 2023 की शुरूआत करने जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन क्षेत्रों में अमित शाह 2023 की चुनावी रणनीति के तहत सभा को संबोधित करेंगे. शाह के दौरे से पहले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े बांसवाड़ा में डेरा लगाए हुए हैं.

आदिवासी इलाकों से बजेगा बीजेपी का बिगुल

बताया जा रहा है कि सतीश पूनिया और विनोद तावड़े बांसवाड़ा में मां त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर के दर्शन कर बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश कार्य समिति की बैठक लेंगे. पूनिया 21 से 23 अप्रैल तक 4 जिलों के दौरे पर रहेंगे जहां टोंक, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और बांसवाड़ा जिलों में उनका प्रवास रहेगा. इसके बाद वांगड़ क्षेत्र में संभाग मुख्यालय उदयपर में भी बीजेपी जिला कार्य समिति की एक बैठक होनी है.

इसके बाद मिली जानकारी के मुताबिक 22 अप्रैल को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावडे और सतीश पूनिया उदयपुर में भाजपा जिला कार्य समिति बैठक और प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. मालूम हो कि भारतीय ट्राइबल पार्टी और कांग्रेस दोनों इन इलाकों में बीजेपी को जमीन तैयार करने के लिए चुनौती बनी हुई है.

बांसवाड़ा की 5 में से 2 सीटों पर बीजेपी विधायक

गौरतलब है कि 2018 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद डूंगपुर-बांसवाड़ा में 9 सीटों में से बीजेपी के केवल 3 विधायक ही है. वहीं डूंगरपुर जिले की 4 सीटों में से सिर्फ 1 सीट आसपुर से बीजेपी के गोपीचंद मीणा विधायक हैं जबकि 2 सीटों चौरासी में बीटीपी के राजकुमार रोत और सागवाड़ा में बीटीपी के रामप्रसाद विधायक है. इसके अलावा डूंगरपुर सीट से कांग्रेस के गणेश घोघरा विधायक हैं जो वर्तमान में यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भी हैं.

वहीं बांसवाड़ा जिले की 5 में से 2 ही सीटों पर ही बीजेपी विधायक है जिनमें से घाटोल से हरेन्द्र निनामा और गढ़ी से कैलाशचन्द मीणा बीजेपी विधायक है. इसके साथ ही बांसवाड़ा में कांग्रेस के भी 2 विधायक हैं जिनमें बांसवाड़ा सीट से अर्जुन सिंह बामणिया और बागीदौरा से महेन्द्रजीत सिंह मालवीय हैं जो दोनों ही गहलोत सरकार में मंत्री हैं, इसके अलावा कुशलगढ़ सीट से रमिला खड़िया निर्दलीय विधायक निर्वाचित हैं.

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