Rajasthan: सीकर की गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़े में प्रोफेसर अमेरिका सिंह सहित पूरी कमेटी पर मुकदमा दर्ज, एक्शन मोड में गहलोत सरकार

Americka Singh

राजस्थान विधानसभा में बीते महीने गहलोत सरकार (gehlot government) की सीकर में गुरुकुल विश्वविद्यालय (gurukul university) के मामले में किरकिरी होने के बाद अब सरकार को गलत रिपोर्ट देने के एवज ने उच्च शिक्षा विभाग ने अधिकारियों पर नकेल कसने का काम किया है. राजस्थान सरकार ने एक प्रस्तावित विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे पर गलत रिपोर्ट (fake university) देने के मामले में उच्च स्तरीय जांच करवाने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एमएल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति अमेरिका सिंह (vc america singh) सहित जांच कमेटी में शामिल सभी मेंबर्स के खिलाफ जयपुर के अशोक नगर थाने में बुधवार रात मुकदमा दर्ज करवाया है. राजस्थान सरकार की ओर से शिक्षा विभाग (ग्रुप-4) के संयुक्त सचिव फरोज अख्तर की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है.

बता दें कि राज्य सरकार ने सीकर जिले के पास एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का अपना विधेयक तब वापस लिया था जब सदन में विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे से जुड़े तथ्य फर्जी पाए गए थे. सदन में पता चला था कि गुरुकुल विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के संबंध में विवरण केवल कागजों पर ही मौजूद है.

जांच रिपोर्ट के बाद कमेटी पर गिरी गाज

मामले में गुरूकुल शिक्षण संस्थान सीकर के फाउंडर ट्रस्टी रणजीत सिंह, मोहन लाल सुखाड़िया यूनिवसिर्टी उदयपुर के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह, अलवर लॉ कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विजय बेनीवाल, राजस्थान यूनिवसिर्टी जयपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जयंत सिंह और मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवसिर्टी उदयपुर के डीन प्रोफेसर घनश्याम सिंह राठौड़ को आरोपी बनाया गया है.

जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि 12 मार्च 2021 को फाउंडर ट्रस्टी रणजीत सिंह ने यूनिवसिर्टी बनाने के लिए विभाग को आवेदन दिया था जिसके बाद विभाग के आदेश पर प्रो. आई.वी.त्रिवेदी, कुलपति गोविन्द गुरु जनजातीय यूनिवसिर्टी बांसवाड़ा के संयोजन में एक समिति का गठन किया गया.

वहीं 19 जून को दी गई रिपोर्ट में कमेटी की ओर से अनुशंषा का जिक्र है. इसके बाद विभाग की ओर से रिपोर्ट पर 2 जुलाई को लेटर और इंटेंट जारी किया गया.राज्य सरकार के आदेश के बाद 29 सितम्बर को प्रोफेसर अमेरिका सिंह के नेतृत्व में 4 सदस्यों की एक सत्यापन समिति बनाई गई जिसने 3 अक्टूबर को सत्यापन कर प्रमाणित रिपोर्ट राज्य सरकार को दी जो गलत निकली.

उपनेता राठौड़ ने उठाया था मुद्दा

गौरतलब हो कि विधानसभा में यूनिवर्सिटी का विधेयक पेश होने के बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि यूनिवर्सिटी का इन्फ़्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है जिसके बाद राजेन्द्र राठौड़ खड़े हुए और बोले, मैं खुद जाकर होली के समय देख कर आया हूं, वहां पर केवल खाली जमीन पड़ी हुई है. विधानसभा में विपक्ष की तरफ से संगीन आरोप के बाद सरकार घिर गई और आनन फ़ानन में बिल वापस लिया.

वहीं नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने इस दौरान कहा था कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के तथ्यों वाला विधेयक पारित होने तक पहुंच गया और जिसे वापस लेना पड़ा. विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने ऐसे मामलों की जांच के लिए एक ठोस प्रणाली विकसित करने के भी आदेश दिए.

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