Rajasthan: सरकारी लाइब्रेरी से चोरों ने साफ की 3 हजार किताबें और टेबल-कुर्सी, दो दिन तक लगातार चलती रही चोरी

Library Theft

राजस्थान के उदयपुर (udaipur) में चोरों के निशाने पर एक गांव की लाइब्रेरी आ गई जिसके बाद लगातार 2 दिन तक चली चोरी की वारदात के बाद चोरों ने पूरा सार्वजनिक पुस्तकालय (public library) साफ कर दिया. मिला जानकारी के मुताबिक गांव में डीएसपी कार्यालय के पास स्थित इस सार्वजनिक पुस्तकालय में लगातार दो दिन तक चोरी (theft in library) की वारदात को अंजाम दिया गया. चोरों ने लाइब्रेरी से 3 हजार किताबें, (books stolen) टेबल-कुर्सी और अन्य सामान चुराया और फरार हो गए. बताया जा रहा है कि इसी लाइब्रेरी से एक साल पहले चोरों ने कंप्यूटर सिस्टम भी चुराए थे. बता दें कि पूरी घटना बांसवाड़ा (banswara) जिले के घाटोल उपखंड इलाके में बनी एक लाइब्रेरी में हुई है. फिलहाल पुलिस को घटना की सूचना दी गई है जिसके बाद पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है.

दो दिन चोरों ने साफ की लाइब्रेरी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घाटोल कस्बे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और डीएसपी कार्यालय से के पास पंचायत समिति परिसर में एक गवर्मेंट लाइब्रेरी का काफी समय से संचालन किया जा रहा है लेकिन इस लाइब्रेरी पर चोरों की नजर पड़ी जिसके बाद लगातार दो दिन तक यहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. जानकारी के मुताबिक सोमवार रात लाइब्रेरी से एक हजार किताबें चोरी हुई जिसके बाद मंगलवार रात को फिर चोरों ने यहां धावा बोला और 2 हजार किताबें, 5 टेबल व 5 कुर्सियां चोरी कर ले गए.

पुलिस तक पहुंचा मामला

लाइब्रेरी में चोरी की वारदात के बाद अब पुस्तकालय अधीक्षक ने खेमरा थाने में मामला दर्ज करवाया है. बता दें कि साल 2010 में शुरू की गई इस लाइब्रेरी में ग्रामीण बच्चों के पढ़ने के लिए 25 कुर्सियां और 5 बड़ी टेबल लगाई गई थी जिसके बाद अब केवल पुस्तकालय में 20 कुर्सियां बची हैं. लाइब्रेरी में पिछले साल भी चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए यहां के कम्प्यूटर सेट चुरा लिए थे. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

गौरतलब है कि पब्लिक लाइब्रेरी की व्यवस्था की परिकल्पना बड़ौदा के मराठा शासक सयाजी राव गायकवाड़ ने की थी जिसके बाद 1910 में पहली बार सार्वजनिक पुस्तकालय की व्यवस्था रखी गई थी. गायकवाड़ ने उस दौर में महसूस किया कि सार्वभौम शिक्षा पहुंचाने के लिए मुफ्त सार्वजनिक पुस्तकालय होना बेहद जरूरी हैं. गायकवाड़ ने बड़ौदा में सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई जिसमें करीब 20 हजार से अधिक किताबें रखी गई.

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