Rajasthan: गहलोत सरकार ने दिए जनसुनवाई तेज करने के आदेश, कलेक्टर-एसपी तुरंत करें शिकायतों का निपटारा

Ashok Gehlot Cabinet 23

राजस्थान में विधानसभा चुनावों से करीब डेढ़ साल पहले बीजेपी के बाद गहलोत सरकार (gehlot government) भी चुनावी मोड में आ गई है. इसी कड़ी में सरकार ने राज्य में प्रशासनिक हल्कों में जनसुनवाई अभियान तेज करने का आदेश जारी किया है. सरकार ने जनसुनवाई को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सभी डिविजनल कमिश्नर, जिला कलेक्टर और जिलों के पुलिस एसपी को जनता से जुड़े लंबित मामलों का तुरंत निपटारा करने को कहा है. मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में बड़े स्तर पर अब सभी जिलों में जनसुनवाई शिविर (jansunwai camp) लगाए जाएंगे. सरकार ने शिविर प्रभारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा है कि जनसुनवाई से पहले मोबाइल पर एसएमएस या कॉल के जरिए लोगों को सूचना दी जाए जिसमें जनसुनवाई की तारीख, जगह और समय तय किया जाए. बता दें कि जनसुनवाई में पहले से दर्ज मामलों की सुनवाई तेज की जाएगी. माना जा रहा है कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (rajasthan assembly election) को देखते हुए आचार संहिता लगने से पहले लगातार जनसुनवाई का दौर चलता रहेगा.

वहीं मुख्यमंत्री ,मंत्री और विधायक समय-समय पर जिलों के दौरे करेंगे. बताया जा रहा है कि सरकार जनसुनवाई के जरिए गवर्नेंस से लेकर अफसरशाही में कसावट लाना चाहती है.

जिले से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर होगी जनसुनवाई

बता दें कि प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में 3 स्तर पर जनसुनवाई तेज करने और लंबित मामलों के निपटारे के आदेश जारी किए हैं. जन अभियोग निराकारण विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता ने राज्य के सभी डिविजनल कमिश्नर और जिला कलेक्टर्स को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जनसुनवाई कार्यक्रम चलाने को कहा है जिसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर से की जाएगी. वहीं जनसुनवाई में प्रशासन के अलावा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

जनसुनवाई के रास्ते जनता से कनेक्शन

सरकार ने सभी डिविजनल कमिश्नर को कहा है कि वह अपने-अपने सम्भाग में होने वाली जिला स्तर, उपखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर के जनसुनवाई कार्यक्रमों में हिस्सा लें और तीनों स्तर पर होने वाली जनसुनवाई में कार्यक्रम का इंस्पेक्शन करें. इसके अलावा सभी जिला कलेक्टर्स, पुलिस एसपी को आदेश दिए गए हैं कि वह जिला स्तर की जनसुनवाई के अलावा 1 ग्राम पंचायत, 1 उपखण्ड स्तर की जनसुनवाई शिविर में शामिल हो.

वहीं जनसुनवाई के दौरान आम जनता के बैठने के लिए छाया वाली जगह और पानी की भी पूरी व्यवस्था भी करनी होगी. इसके अलावा राज्य सरकार के सम्पर्क पोर्टल पर निपटाए गए जिन मामलों में परिवादी असंतुष्ट हैं उनमें दुबारा सुनवाई की जाए.

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