PUBG Murder Case: कोई और है हत्याकांड का मास्टरमाइंड! बेटे को बनाया गया मोहरा, नाबालिग को दूर से दी जा रही थी इंस्ट्रक्शन

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देश के हर माता-पिता को हिला देने वाले लखनऊ PUBG हत्याकांड (Lucknow PUBG Murder Case) से हर दिन एक नया राज निकलकर सामने आ रहा है. अभी तक सभी को ये ही पता है कि नाबालिग बेटे ने अपनी मां की गोली मारकर हत्या की है, लेकिन हत्याकांड में सिर्फ बेटा ही शामिल नहीं है बल्कि पर्दे के पीछे दो किरदार ओर हैं. जिन्होंने दूर बैठकर इस पूरे हत्याकांड में बेटे की मदद की. हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के अनुसार ये कोई बाहरी नहीं हैं, परिवार के ही सबसे अहम सदस्य हैं. एक सदस्य दूर बैठकर बेटे को कमांड देता रहा, तो दूसरा बेटे का हौसला बढ़ता रहा. इन्हीं दोनों ने बेटे के दिल में मां के खिलाफ नफरत भरी और उसके हाथ से मां का खून करवा दिया.

इस बात का खुलासा एक रिश्तेदार ने ही किया है. रिश्तेदार के मुताबिक मां बेटे के बीच होने वाले झगड़े आम नहीं थे. ये झगड़े खुद नहीं होते थे, बल्कि ये कराए जाते थे. साधना की हत्या के बाद परिवार के इस सदस्य की तरफ शक गया था. सबूत मिलने तक इंतजार किया गया. अब पुलिस जांच भी इस तीसरे किरदार के काफी करीब पहुंच चुकी है.

10 साल की बेटी ने किया खुलासा

4 जून की रात मां की हत्या करने के बाद आरोपी बेटा घर से बाहर स्कूटी लेकर गया था. इस बात का पता तब चला जब 10 साल की बेटी परिजनों के पास पहुंची. परिजनों के पूछने पर बेटी ने बताया कि भाई उसे दूसरे कमरे में बंद करके बाहर चला गया था. ये काफी अहम कड़ी है. आखिर मां की हत्या कर फौरन बेटा किससे मिलने गया था.

मां-बेटे के रिश्ते में पैदा की गई कड़वाहट

मां -बेटे के रिश्ते को बड़े ही शातिराना तरीके से खराब किया गया है. इस हत्या को करने वाला जरूर बेटा है, लेकिन मास्टरमाइंड कोई और ही है. बेटे को सिर्फ मोहरा बनाया गया है. रिश्तेदार का कहना है कि बेटे पिता नवीन से ज्यादा अटैच था, लेकिन मां से इतनी भी नफरत नहीं थी कि उनकी हत्या कर देता. उनका कहना है कि उसके दिल में मां के लिए नफरत परिवार के भीतर ही भरी गई है. बेटा परिवार के इस सदस्य के काफी करीब था. वो उसकी हर मानसिकता को समझता था. वो परिवार के प्रति संजीदा और निजी जिंदगी में होनहार था. उसकी इसी समझदारी का फायदा उठाकर परिवार के उस सदस्य ने उसे मां का कातिल बना दिया.

साजिशकर्ता भी होगा सलाखों के पीछे

रिश्तेदार का कहना है कि ये खून ऐसे ही नहीं हुआ है. साधना की हत्या के लिए पहले कानूनी दांवपेंच को पूरी तरह जाना और समझा गया है. हर तरफ से बचने का उपाय निकालने के बाद साजिश रची गई है. पहले नाबालिग से मां का खून कराया गया और फिर दादी से मुकदमा दर्ज करवाया गया. रिश्तेदार का कहना है कि वो मुख्य आरोपी को उसकी चाल में कामयाब नहीं होने देंगे. बेटे ने गोली चलाई वो जेल में है. अब जल्द ही वो शातिर साजिशकर्ता भी सलाखों के पीछे होगा.

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