Presidential Election 2022: यशवंत सिन्हा 27 जून को दाख़िल करेंगे नामांकन, दो दिनों के लिए बिहार और झारखंड के दौरे पर होंगे सिन्हा, केन्द्र ने दी Z कैटगरी की सुरक्षा

Yashwant Sinha To File His Nomination on 27th June

विपक्षी दलों के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को अपना नामांकन (Yashwant Sinha To File Nomination) दाख़िल करेंगे. इस बीच आज 24 जून से सिन्हा अगले दो दिनों तक बिहार और झारखंड के दौरे पर होंगे. पूर्व भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री आम सहमति से विपक्ष के उम्मीदवार चुने गए हैं. सूत्रों के मुताबिक़ विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केन्द्र सरकार ने Z कैटगरी की सुरक्षा (Z Category Security Cover To Yashwant Sinha) प्रदान की है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आख़िरी तारीख़ 29 जून है और 18 जुलाई को चुनाव होने हैं.

द्रौपदी मुर्मू आज दाखिल करेंगी अपना नामांकन

वहीं एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू अपना नामांकन आज ही दाखिल करेंगी (Draupadi Murmu To File Nomination Today) . इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद है. द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को दिल्ली पहुंची थींजहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की.

नामांकन दाखिल करने के साथ यह साफ होता जा रहा है कि चुनाव में यूपीए के मुक़ाबले एनडीए का पलड़ा ज़्यादा भारी है. एनडीए सिर्फ संख्या बल के साथ ही नहीं बल्कि उम्मीदवार की दृष्टि से भी आगे दिख रहा है. माना जा रहा है कि देश के सर्वोच्च पद के लिए एक आदिवासी समुदाय की नेता का नाम आगे करना एनडीए के लिए यूपीए पर जीत हासिल करने में आसान बना सकता है.

माना जा रहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के कई गठबंधन दल राष्ट्रपति के लिए विरोध में मतदान कर सकते थे जो द्रौपदी मुर्मू के नाम के ऐलान के बाद अब साफ है कि वे एनडीए को ही समर्थन कर सकते हैं. इनमें बीजू जनता दल (BJD) और YSRCP और कुछ अन्य क्षेत्रीय दल शामिल थे.

यशवंत सिन्हा का राजनीतिक करियर

ग़ौरतलब है कि विपक्ष की तरफ से गोपालकृ्ष्ण गांधी, एनसीपी चीफ शरद पवार और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्ला के नामों पर विचार हो रहा था. हालांकि इन सभी नेताओं ने उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया, जिसके बाद भाजपा छोड़ टीएमसी में शामिल हुए यशवंत सिन्हा को आम सहमति से उम्मीदवार बनाया गया.

यशवंत सिन्हा ने अपना राजनीतिक करियर 1984 में आइएएस की नौकरी से इस्तिफा देने के बाद जनता पार्टी से की थी. उन्हें 1986 में पार्टी ने अखिल भारतीय महासचिव बनाया और 1988 में वो राज्यसभा के सांसद चुने गए. इसके बाद जब 1989 में जनता दल का गठन हुए तब वो पार्टी के महासचिव बनाए गए. बाद में वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और वाजपेयी सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. यशवंत सिन्हा अप्रैल 2018 में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में एक थे. मार्च 2021 में वो टीएमसी में शामिल हो गए थे.

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