Peepal Puja Vidhi: पीपल के पत्ते का अचूक उपाय, जिसे करते ही पूरी होती है बड़ी से बड़ी मनोकामना

Peepal Leaves

हिंदू (Hindu) धर्म में वृक्षों को देवी-देवताओं के समान पूजनीय माना गया है. पीपल जिसके बारे में भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं कहा ​है कि मैं वृक्षों में पीपल हूं उस पवित्र पेड़ और उसके पत्ते की पूजा का बहुत महत्व है. मान्यता है कि पीपल की जड़ में परमपिता ब्रह्मा जी, तने में भगवान श्री विष्णु (Lord Vishnu) और सबसे ऊपर भाग में देवों के देव महादेव का वास होता है. पीपल की पूजा करने पर साधक के जीवन से जुड़ा दु:ख और दुर्भाग्य दूर होता है और सुख-सोभाग्य की प्राप्ति होती है. आइए जिस पीपल (Peepal) की पूजा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, उसकी और उसके पवित्र पत्ते से जुड़े पूजा के अचूक उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

  1. यदि बहुत परिश्रम और प्रयास के बाद भी आ​र्थिक तंगी दूर नहीं हो रही है तो आपके लिए पीपल से जुड़ा पूजा का यह उपाय किसी वरदान से कम नहीं है. पैसों की किल्लत को दूर करने और धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए गुरुवार के दिन पीपल के हरे पत्ते को लेकर उसे सबसे पहले गंगाजल या फिर शुद्ध जल से साफ करें और उसके बाद उसमें केसर अथवा पीले चंदन से ”ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं नमः” मंत्र लिखें. पीपल पर लिखे इस मंत्र के सूखने के बाद इसे और एक चांदी का सिक्का या फिर चौकोर टुकड़ा अपने धन स्थान रख लें. इस उपाय को करने पर आपको चमत्कारिक रूप से धन लाभ होगा.
  2. मान्यता है कि यदि गुरुवार के दिन पीपल के पत्ते पर हल्दी अथवा पीले चंदन से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र लिखकर उसे भगवान विष्णु के मंदिर या फिर अपने घर के किसी पवित्र स्थान पर रख दें और सूख जाने पर उसे किसी नदी में प्रवाहित कर दें. मान्यता है कि पीपल के पत्ते से जुड़े इस उपाय को करते ही साधक की मनोकामना पूरी होती है.
  3. पीपल की पूजा से न सिर्फ भगवान श्री विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि शनि संबंधी दोष भी दूर होते हैं. यदि आपकी कुंडली में शनि दोष है और साढ़ेसाती या शनि की ढैय्या के कारण परेशान चल रहे हैं तो इससे बचने के लिए प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ में जल दें और शाम के समय आटे का चौमुखा दीया बनाकर उसमें सरसों का तेल डाल कर जलाएं.
  4. मान्यता है कि यदि किसी पीपल के पेड़ के नीचे संकटमोचक हनुमान जी का मंदिर या फिर उनकी मूर्ति हो तो वहां पर उनका गुणगान करने वाली चालीसा या फिर सुंदरकांड का पाठ करने पर साधक को शीघ्र ही श्री हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके जीवन से शनि संबंधी कष्ट समेत सभी दु:ख-दर्द दूर होते हैं. इसी प्रकार शनिवार के दिन पीपल के पत्ते पर श्री राम लिखकर उसकी माला श्री हनुमान जी की अर्पित करने पर भी हनुमत कृपा प्राप्त होती है.
  5. मान्यता है कि पीपल के पवित्र वृक्ष के सबसे ऊपर वाले भाग में महादेव का वास होता है. ऐसे में पीपल के पेड़ के नीचे यदि शिवलिंग स्थापित करके प्रतिदिन पूजा की जाए तो साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसके ऊपर भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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