OYO के रितेश अग्रवाल को एक साल में मिले 5.6 करोड़, कर्मचारियों की सैलरी-बोनस में हुई कटौती

Oyo Rooms Ritesh Agarwal

जी हां. चौंकिए मत. गली-गली और चौक-चौराहों पर ओयो रूम्स नाम से दिखने वाले होटल चेन के प्रमुख रितेश अग्रवाल के पे पैकेज में एक साल में 250 परसेंट का इजाफा हुआ है. ओयो के होटल आप बेहद सस्ते से लेकर महंगे तक बुक कर सकते हैं. रितेश अग्रवाल ओयो के चीफ होने के साथ फाउंडर और सीईओ भी हैं. सॉफ्ट बैंक समर्थित ओयो देश-दुनिया में होटल और हॉस्पिटेलिटी की सेवा देने के लिए मशहूर है. एक चौंकाने वाली बात ये है कि अग्रवाल का पे पैकेज जहां बढ़ा है, वहीं ओयो के कर्मचारियों की कटौती की गई है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, रितेश अग्रवाल को 5.6 करोड़ रुपये ओयो कंपनी की तरफ से मुआवजे के रूप में मिला है. मार्केट रेगुलेटर सेबी में दर्ज फाइलिंग में यह जानकारी सामने आई है. पिछले वित्त वर्ष में अग्रवाल को 5.6 करोड़ रुपये मिले हैं जो कि उससे एक साल पहले की तुलना में 250 फीसद अधिक है. ओयो ग्लोबल हॉस्पिटेलिटी सर्विस प्लेटफॉर्म है जिसकी मदद से लोग होटल आदि बुक कराते हैं.

अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी

ओयो अगले साल अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है. इससे पहले सेबी में सभी जरूरी कागजात जमा कराने होते हैं. इसी कड़ी में ओयो ने सेबी में फाइनेंस से जुड़े कागजात जमा कराए हैं. इससे पहले सेबी में रेड हेरिंग प्रोसपेक्टस जमा कराया गया था. इसे आरएचपी कहते हैं जो कि आईपीओ लाने से पहले सेबी में जमा कराना जरूरी होता है. ओयो अगले साल की शुरुआत में अपना आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर रहा है.

लेटेस्ट रेगुलेटरी फाइलिंग में पता चलता है कि ओयो ने कर्मचारियों की सैलरी और बोनस में बड़ी कटौती की है. लेकिन सीईओ रितेश अग्रवाल को कंपनी ने मुआवजे के तौर पर पिछले वित्त वर्ष में 5.6 करोड़ रुपये दिए हैं. यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2022 का है, जबकि 2021 में अग्रवाल को 1.6 करोड़ रुपये मिले थे. साल 2020 में रितेश अग्रवाल की कुल सैलरी 21.5 लाख रुपये थी.

कर्मचारियों की सैलरी-बोनस में कटौती

सेबी में दर्ज फाइलिंग में यह बात सामने आई है कि कंपनी के इंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन यानी कि ईएसओपी कॉस्ट वित्त वर्ष 2021 में 153 करोड़ से 344 परसेंट की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2022 में 680 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह स्थिति तब है जब कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी और बोनस से जुड़े खर्चों में बड़ी कटौती की है. ईएसओपी कॉस्ट में वृद्धि के बावजूद ओयो का पर्सनल एक्सपेंडिचर सिर्फ 7 परसेंट ही बढ़ पाया, जबकि सैलरी और बोनस की लागत 27 फीसद तक कम हुई है.