फांसी से पहले कसाब ने कही थी ये बात जिसको सुनकर परेशान हो गया था पूरा भारत

समाचार डेस्क :- कसाब को लगता था कि वह बच जाएगा | उसे उच्च सुरक्षा कक्ष में स्थानांतरित करने से पहले 81 दिनों तक हिरासत में ही रखा गया था |

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से लम्बे समय तक कार्यरत रहे और 2013 में सेवानिवृत्त हुए रमेश महाले ने बताया कि कसाब को जब तक अदालत की तरफ से वारंट नहीं मिला था तब तक उसे लगता था कि वह बच जाएगा और उसे भारतीय क़ानून से छूट मिल जाएगी |

कसाब से सच्चाई उगलवाने के लिए रमेश महाले ने नर्मी भी बरती और कसाब को सभी तरह से सहज और आरामदायक महसूस कराने की कोशिश की गयी | सभी उसके टूटने का इंतज़ार कर रहे थे | एक घटना का ज़िक्र करते हुए महाले ने बताया कि कसाब को बिलकुल भी नहीं लगता था कि उसके गुनाहों के लिए उसे फांसी दी जा सकती है | कसाब ने खुद कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था इतनी लचर है कि उसे फांसी देना मुमकिन नहीं है |

कसाब ने संसद हमले के दोषी अफज़ल गुरु का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट द्वारा उसे फांसी देने के आठ साल बाद भी लटकाया नहीं जा सका है | महाले उस दिन कसाब की बात सुनकर बिलकुल चुप थे | कसाब को जब फांसी के लिए मुंबई से पुणे लाया जा रहा था, उस समय लगभग तीन घंटे की यात्रा के दौरान कसाब ने एक शब्द भी नहीं बोला | उसके चेहरे पर खौफ को साफ़ देखा जा सकता था |

अंत में उसने केवल यही कहा कि “आप जीत गये मैं हार गया” | उसे याद करते हुए रमेश महाले कहते हैं कि वह मेरे जीवन के सबसे बेहतरीन पलों में से एक था क्योंकि तमाम लोगों के साथ न्याय हुआ और बुराई हार गयी | आपकी इस बारे में क्या राय है, हमें कमेंट करके अवश्य बताएं और आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमें फॉलो अवश्य करें | सौजन्य से: लाइव इंडिया |चार सवालों के जबाब देकर जीते हजारो रूपये Click Here ,  यहाँ क्लिक करे 

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