रक्तचाप नियंत्रण के लिए कथित तौर विकसित की गई एक दवा को खाने से यहां स्थित सुजाता बायो-टेक के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौत हो गई। इस तरह एक दवा का विकास क्रम घातक सिद्ध हुआ। तेयनामपेट स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एम.सी. रमेश ने आईएएनएस से कहा, “शिवनेसन 47 सुजाता बायो-टेक में काम करते थे। उनकी पत्नी और कंपनी के अधिकारियों के अनुसार शिवनेसन कथित तौर पर रक्तचाप नियंत्रित करने वाली एक दवा पर काम कर रहे थे।”

रमेश ने कहा कि शिकायत के अनुसार, शिवनेसन ने नई दवा को कंपनी के संस्थापक राजकुमार को दी, जिन्होंने उसकी एक थोड़ी मात्रा ली और वह बेहोश हो गए। दूसरी तरफ शिवनेसन ने दवा की एक बड़ी खुराक ली और बेहोश हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।

रमेश ने कहा कि मौजूदा परंपरा के अनुसार पहले कोरोना संक्रमण के लिए टेस्ट हो जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। सुजाता बायो-टेक अपने कफ सीरप (पाउच में) निवारण, वेलवेट शैम्पू और मेमोरी प्लस टैबलेट के लिए जानी जाती है।

उन खबरों का जिक्र करते हुए, जिनमें कहा गया थ कि यह नई दवा कोरोनावायरस के लिए थी, पुलिस ने कहा कि यह पता नहीं चल पाया है कि बैकग्राउंड कैसे बदल गया।

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