कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके वयस्कों में खतरनाक इंफ्लेमेशन के लक्षण मिल रहे हैं। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने यह जानकारी देते हुए चिंता जतायी है कि इंफ्लेमेशन के लक्षण बच्चों में हो रहे मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिन्ड्रोम के जैसे हैं, जिसका फिलहाल कोई इलाज नहीं है।

गौरतलब है कि गौरतलब है कि जब हमारा प्रतिरक्षा तंत्र जरूरत से ज्यादा सक्रिय होकर रोगों से लड़ने के बजाय हमारे शरीर को ही नुक़सान पहुंचाने लगता है तो इस स्थिति को इंफ्लेमेशन कहते हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी ने बताया कि इस सिन्ड्रोम को ‘मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिन्ड्रोम इन अडल्ट्स’ नाम दिया गया है।

हालांकि यह सिन्ड्रोम सीधे कोरोना वायरस से जुड़ा हुआ नहीं है, न ही पीड़ित को कोई ऐसे लक्षण महसूस होते हैं, जिन्हें वायरस से जोड़ा जा सके पर यह सिन्ड्रोम अब तक कम से कम तीन कोरोना के मरीजों की जान ले चुका है। साथ ही कोरोना की तरह ही यह वायरस नस्लीय और जातीय अल्पसंख्यकों को ज्यादा निशाना बनाता है।

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