दुनिया की मशहूर मैगजीन फोर्ब्स की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है और ऐसा मामला अनुभवी साइबर रिसर्चर Quips Gabi Cirlig के साथ हो चुका है। उन्होंने बताया कि वह अपने शाओमी के Redmi Note 8 स्मार्टफोन पर जो कुछ भी कर रहे थें वह रिकॉर्ड किया जा रहा था। यही नहीं वह उसे रिकॉर्ड करके दिग्गज चीनी टेक कंपनी को भेज रहा था जिसे अलीबाबा होस्ट करती है और शाओमी ने उसे रेंट पर ले रखा है।

रिसर्चर ने आगे बताया कि वह कुछ भी काम कर रहे थें, उस पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने अपने स्मार्टफोन के डिफॉल्ट Xiaomi ब्राउज़र के वेब पेज पर सर्च करना शुरू किया, हालांकि उनकी सभी वेबसाइटों को रिकॉर्ड किया गया। मैंने गूगल पर किया सर्च किया है, न्यूज फीड में मैंने क्या देखा ये सब चीजें रिकॉर्ड की गई थीं।

यही नहीं, डिवाइस ये भी रिकॉर्ड कर रहा था कि मैंने कौन से फोल्डर्स को खोला है और कौन से स्क्रीन पर मैंने स्वाइप किया जिनमें स्टेटस बार और सेटिंग्स पेज शामिल थे। मैंने पाया कि मेरे सभी डेटा को सिंगापुर और रूस में दूरस्थ सर्वरों को भेजा जा रहा था, हालांकि वे जिन वेब डोमेन की मेजबानी करते थे, वे बीजिंग में रजिस्टर्ड थे।

इसके बाद फोर्ब्स ने साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर एंड्रयू टियरनी से इस बारे में जांच करने की बात कही। Google Play – Mi Browser Pro (Ban) और Mint Browser पर Xiaomi द्वारा भेजे गए ब्राउज़रों को भी ढूंढा, जहां उन्होंने पाया कि वे एक ही डेटा इकट्ठा कर रहे थे। इस तरह के मामलों में लाखों लोगों के फोन से प्राइवेट डेटा चोरी हुए होंगे। Cirlig ने एक बड़े प्राइवेट मसले को उठाया है लेकिन शाओमी ने इस आरोप से बिल्कुल इनकार कर रहा है।

Cirlig का मानना है कि प्राइवेट चीजों की हैकिंग सिर्फ एक मोबाइल में नहीं बल्कि सभी मोबाइलों में हो सकते हैं। आपको पता हो कि शाओमी की दुनिया की टॉप चार स्मार्टफोन निर्माताओं में से एक है जो सस्ते फोन बेचती है और वह भी हाइ क्वालिटी वाले फीचर्स होते हैं। कम कीमत पर लिया गया ये स्मार्टफोन कहीं ग्राहकों को भारी न पड़ जाए।

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