बिलासपुर पुलिस की विशेष अन्वेषण शाखा ने 2 उद्घोषित अपराधियों को करीब 2 वर्ष 2 महीने बाद नयनादेवी से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन आरोपियों पर मारपीट करने व दहेज के लिए तंग करने के आरोप हैं। जानकारी के अनुसार एक सितम्बर, 2009 को थाना कोट में सुलोचना देवी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी शादी करीब 11 वर्ष पहले भटेड़ के राम कृष्ण के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी।
शादी के 2-3 वर्ष बाद उसका पति उसके साथ दहेज न लाने के लिए मारपीट करने लग पड़ा। सुलोचना देवी के मुताबिक उसने अपने साथ होने वाली मारपीट की जानकारी अपने मायके पक्ष को दी, जिस पर मामला पंचायत में गया तथा पंचायत में कई बार इसको लेकर समझौते भी हुए। एक सितम्बर को उसका भाई उसके घर आया तो उसके पति राम कृष्ण व उसके देवर मदन लाल उसके भाई को एक कमरे में ले गए तथा उन्होंने उसके भाई के साथ मारपीट और गाली-गलौच की तथा जान से मारने की धमकी दी।
सुलोचना देवी के मुताबिक अपने भाई के साथ की गई मारपीट और अपने ऊपर हो रहे जुल्मों से तंग आकर उसने अपने पति व देवर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई। थाना कोट पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 323, 506 व 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया तथा मामले की छानबीन के बाद अदालत में चालान पेश किया। अदालत द्वारा दोनों आरोपियों को बार-बार सम्मन दिए गए लेकिन आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए, जिस पर अदालत ने दोनों को 5 दिसम्बर, 2017 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया। इसके बाद मामला पुलिस की विशेष अन्वेषण शाखा को सौंपा गया।
पुलिस की विशेष अन्वेषण शाखा में शामिल प्रभारी दौलत राम, राजकुमार व राकेश कुमार ने दोनों आरोपियों को पकडऩे के लिए उनके संभावित ठिकानों नंगल, भाखड़ा, नयनादेवी व कीरतपुर में कई बार दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली, जिस पर पुलिस ने अपने मुखबिर कायम कर दिए। मुखबिरों ने सूचना दी कि दोनों आरोपी नयनादेवी क्षेत्र में हैं, जिस पर टीम ने नयनादेवी में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उन्हें थाना कोट पुलिस के हवाले कर दिया। डीएसपी नयनादेवी संजय शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना कोट में भारतीय दंड संहिता की धारा 174 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

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