राज्य सरकार आज बजट पेश करेगी। इस बार बजट से हर वर्ग को कुछ न कुछ उम्मीद है। खासकर महाकौशल और विंध्य क्षेत्र को प्रदेश के मंत्रिमंडल में उपेक्षा को लेकर यहां के लोगों में टीस बनी हुई है। उम्मीद है कि प्रदेश सरकार के बजट में इस क्षेत्र में विकास की ढेरो घोषित योजनाओं को पैसे आवंटित कर उसे मूर्त रूप दिया जाएगा। सीएम के लिए कभी ड्रीम प्रोजेक्ट रहा नर्मदा-एक्सप्रेस-वे को इस बजट से नई संजीवनी मिल सकती है। वहीं पर्यटन और रोजगार की दिशा में महाकौशल और विंध्य को नई सौगात मिलने की दरकार है।

वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा परिक्रमा की थी। तब उन्होंने अमरकंटक से लेकर नर्मदा किनारे के शहरों को जोड़ने के लिए नर्मदा-एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की थी। सीएम ने तब एक खाका पेश किया था कि कैसे इस एक्सप्रेस-वे के इर्द-गिर्द उद्योगों के साथ-साथ नए शहर बसेंगे।

एमपी व छग को जोड़ने वाली इस सड़क से नर्मदा पथिकों को भी सुविधा होगी। नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों को रोकेंगे। ट्रीटमेंट प्लांट बनाएंगे। घाटों पर बिजली से संचालित शवदाह गृह बनाएंगे। नर्मदा किनारे हरियाली बढ़ाने के साथ पाथ-वे बनाएंगे। जबलपुर में ग्वारीघाट से तिलवारा तक दोनों तटों पर पाथवें बनाने की घोषणा कई बार हुई, लेकिन कभी बजट आवंटित नहीं हुआ।
मेट्रो के लिए हो चुका है सर्वे, बजट की उम्मीद

कांग्रेस के 15 महीने के शासनकाल में वित्तमंत्री का दायित्व संभालने वाले पूर्व मंत्री तरुण भनोत के मुताबिक वर्तमान सरकार में महाकौशल-विंध्य को उपेक्षित किया गया है। अब बजट में सरकार इसकी भरपाई कर सकती है। पिछले बजट में जबलपुर के लिए लाइट मेट्रो रेल का सर्वे हुआ था। इसके लिए बजट आवंटित हो तो ये शहर के लिए बड़ी सौगात होगी।
इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए बजट की दरकार

हर तहसील क्षेत्र में एक नए महाविद्यालय की स्थापना।

धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नर्मदा रीवा फ्रंट बनाना।
शास्त्री ब्रिज के जर्जर हो रहे पुल की जगह एक नया फ्लाईओवर बनाना।
शहर में डेयरी की संख्या को देखते हुए डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज खोलना।

अजब गजब,समाचार की अन्य खबरें

लिंक कॉपी हो गया