अंबाला पुलिस ने दो ब्लाइंड मर्डर की गुत्थियों को सुलझाने का दावा किया है. एक मामले में भाई ने जायदाद की लालच में अपने भाई का कत्ल किया और दूसरे मामले में दोस्तों ने पैसे के खातिर अपने दोस्त की हत्या कर दी.पुलिस ने इन सभी को रिमांड पर ले आगे की जांच शुरू कर दी है.
पहला मामला अंबाला के बोह गांव का है. जहां टैक्सी चालक स्वर्णजीत सिंह कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था जिसके बाद उसके परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस को स्वर्ण का शव हरियाणा पंजाब बार्डर पर क्षत विक्षत हालत में मिला था, जिसकी पहचान न होने के बाद उसे लावारिस समझ जला दिया गया था लेकिन उसके कपड़ो से परिवार ने पहचान की तो मामले की जांच शुरू कर की गई.
इस मामले में पुलिस ने स्वर्ण के दोस्तों से पूछताछ की तो मामले की सारी पोल खुल गई. स्वर्ण की हत्या को अंजाम उसी के नशेड़ी दोस्तों ने दिया था. एसपी अंबाला अभिषेक जोरवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्ण की हत्या उसके दोस्त जरनैल सिंह, दिव्यांग मनीष और सर्वजीत ने सिर्फ़ इसलिए कर दी थी कि स्वर्णजीत ने उनसे 15 हजार रुपय लेने थे. उसकी कार को बेच ये लोग ऐश करना चाहते थे. आरोपियों ने मृतक स्वर्णजीत की कार यूपी में सिर्फ़ 22 हजार में बेच डाली जिसको अभी रिकवर किया जाना है.
वहीं अंबाला के साहा में 31 जनवरी को हरमीत की हत्या का मामला सामने आया था. हत्या तेजधार हथियारों से की गयी थी लेकिन हत्या किसने और क्यों की इसका पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था. लेकिन पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि हरमीत का गांव की एक महिला से अवैध रिश्ता था, जिसके बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो सामने आया कि इस वारदात को महिला के पति देवी लाल व देवी लाल के पिता गुरदेव ने एक राज मिस्त्री श्यामा व मृतक के भाई वीरेंद्र के साथ मिलकर अंजाम दिया है.
इस साजिश को देवी लाल और उसके पिता ने रचा था जिसके लिए सौदा 4 लाख रुपय में तय हुआ था. मृतक हरमीत सिंह के भाई ने आरोपियों का साथ सिर्फ़ इसलिए दिया था क्यूंकि उसे जमीन का लालच था. उसे मालूम था यदि हरमीत रास्ते से साफ़ हो जाता है तो उसे हरमीत के हिस्से की जमीन मिल जाएगी. हरमीत के भाई वीरेंद्र ने अपने भाई की हत्या के लिए 1 लाख रुपय भी लिए थे.

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