छींक आना स्वस्थ्य जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है। लोग छींक रोक लेते हैं क्योंकि उन्हें पब्लिक प्लेस पर छींकना अच्छा नहीं लगता। छींक रोकना सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। दरअसल, छींक हमारी जिंदगी और मौत से जुड़ी होती है, छींक इतनी तेज आती है कि इससे हमारी जान जाने का भी डर होता ह

छींक रोकने के नुकसान:

# अगर आप छींक रोकते हैं तो इससे शरीर के दूसरे हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। छींक रोकने पर इसका दबाव नाक और गले की कोशिकाओं पर पड़ता है, जिससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। कई बार तो इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है।

# छींक रोकने से कानों पर असर पड़ता है, जिससे ईयर ड्रम्स भी फट सकते हैं। छींकने से शरीर में होने वाले खतरनाक कीटाणु बाहर निकलते है लेकिन अगर आप छींक रोकते हैं तो यह शरीर के अंदर ही रह जाते है इसके अलावा छींक रोकने से आंखों पर भी गहरा असर पड़ता है। छींक रोकने से दिल का दौरा जैसी बड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

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