इंदौर-देवास-उज्जैन रेल लाइन के दोहरीकरण का काम चल रहा है। अगले कुछ माह में यह काम देवास में भी होना है, इसके चलते पटरी के किनारे व आसपास जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसे देखते हुए वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर रेलवे ने अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई बुधवार दोपहर की। यहां आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस की उपस्थिति में जेसीबी की मदद से रेलवे पटरी के दोनों ओर ५० से अधिक झुग्गियों को जेसीबी की मदद से जमींदोज किया गया। इस दौरान कई लोग रोते-गिड़गिड़ाते रहे, एक महिला ने तो अपने गले में चाकू लगा लिया, उसे महिला पुलिस ने संभाला। कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली।
सुबह करीब 11.30 बजे रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों सहित आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस के अधिकारी-जवान आनंदनगर के समीप वाले क्षेत्र में पहुंचे। यहां रह रहे परिवारों ने झुग्गियों के अंदर से सामान निकालना शुरू कर दिया। कुछ ने हाथ जोड़कर मिन्नत की लेकिन अधिकारियों ने वरिष्ठ स्तर से आदेश की बात करके कार्रवाई करना भी अपनी मजबूरी बताया। झुग्गियों में बिजली कनेक्शन भी थे जिनको इलेक्टीशिन की मदद से हटवाया गया। इसके बाद जेसीबी की मदद से झुग्गियों को तोड़ा गया।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अपने घर के सामान को समेटने में लगे रहे। इस क्षेत्र में करीब दो-तीन दशक से गरीब परिवार झुग्गी बनाकर रह रहे थे, इस कार्रवाई के बाद उनके रहने, सोने की परेशानी खड़ी हो गई है। कार्रवाई के दौरान सहायक मंडल इंजीनियर उज्जैन विकास यादव, सीनियर सेक्शन इंजीनियर उज्जैन एनके शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर देवास ए.एच. सिद्दीकी सहित रेलवे के २० ट्रैक मेंटेनर मौजूद रहे। वहीं कोतवाली टीआई एम.एस परमार, सिविल लाइन थाना टीआई योगेंद्रसिंह सिसौदिया व आरपीएफ, जीआरपी के अधिकारी-जवान व रेलवे इंटेलीजेंस के अधिकारी मौजूद रहे।

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