ऋतु शादी के 10 दिन बाद ही जेवर व रुपए लेकर भागी है। इसी आधार पर एसआई श्यामकिशोर त्रिपाठी की टीम ने आरोपित नीलेश पिता रामलाल वाटकिया निवासी न्यू गौरीनगर, ऋतु राठौर पिता किशोरीलाल राठौर निवासी रुस्तमपुर पंधाना जिला खरगोन, विनायक पिता हीरालाल गावड़े निवासी गांधीनगर नैनोद, संगीता पति सुखदेव वाकोड़े निवासी पंचशीलनगर, अनिल पिता केशवलाल जैन निवासी अंजनी नगर और विशाल उर्फ अखिलेश सोनी पिता विष्णुप्रसाद सोनी निवासी कालानी नगर को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी के मुताबिक, आरोपित अनिल जैन और विशाल सोनी का अंजनी नगर में जैन विवाह संस्थान के नाम से मैरिज ब्यूरो है। आरोपितों ने ऋतु का पूजा राठौर के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाया और दलाल विनायक के माध्यम से वासना निवासी युवक से 1 लाख 80 हजार रुपए लेकर शादी करवा दी। शादी में ऋतु का पति नीलेश भाई बना और गिरोह की सदस्य संगीता ने मां का अभिनय किया। इस काम के लिए नीलेश ने 20 हजार रुपए लिए। शादी के कुछ दिन बाद ऋतु घर से रुपए लेकर फरार हो गई।

पुलिस के मुताबिक, ऋतु जैसे ही वासना से भागी दलालों ने ब्यावरा के एक डॉक्टर से पांच लाख रुपए लेकर शादी करवा दी। शादी के बाद वह हनीमून मनाने गई और जैसे ही घर लौटी 10 दिन बाद डेढ़ लाख रुपए लेकर फरार हो गई। इसके तुरंत बाद उसने देवास में तीन लाख रुपए लेकर शादी रचा ली। यहां से वह तीन दिन बाद ही 70 हजार रुपए लेकर भाग आई। पुलिस के मुताबिक, ऋतु की पहले भी शादी हो चुकी थी। पहले पति से उसके तीन बच्चे भी हैं। पति को छोड़ने के बाद वह नीलेश के साथ पत्नी बनकर रहने लगी थी। कई जगह खुद को कुंवारी तो कई जगह तलाकशुदा बताती थी।

पुलिस ने दलाल अनिल जैन व विशाल सोनी के मोबाइल की छानबीन की तो कई लड़कियों के फोटो मिले। उसमें रोशनी नामक लड़की भी शामिल थी। वह राजस्थान के प्रतापगढ़ से इसी तरह भावेश से शादी कर जेवर और रुपए लेकर भाग चुकी है। पुलिस जब अनिल और विशाल से पूछताछ कर रही थी तो एक लड़की का फोन आया। उसने कहा कि मेरी जल्दी शादी करवा दो। मुझे पैसे की जरूरत है। विशाल ने कहा ऐसी कई लड़कियां हैं जो कुछ दिन के लिए दुल्हन बनने के लिए तैयार हैं।

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