प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली एक पीठ ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को जम्मू, अनंतनाग, बारामूला और श्रीनगर जाने और लोगों से बातचीत करने की अनुमति दे दी।

पीठ में न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे और न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर भी शामिल थे।

आजाद का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील ए. एम सिंघवी ने पीठ से कहा कि वह लोगों से मिल उनका हालचाल जानना चाहते हैं।

सिंघवी ने कहा कि आजाद ने तीन बार वहां जाने की कोशिश की लेकिन उन्हें हवाई अड्डे से ही लौटा दिया गया।
आजाद ने रविवार को कहा था कि वह ”अराजनैतिक” था।

आजाद ने याचिका में शीर्ष अदालत से अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति भी मांगी थी।

आजाद ने राज्य को विशेषाधिकार देने वाले प्रावधान हटाए जाने के बाद अधिकारियों द्वारा लगाए प्रतिबंधों के मद्देनजर सामाजिक स्थिति का मुआयना लेने की अनुमति भी मांगी थी।

समाचार की अन्य खबरें

लिंक कॉपी हो गया