आजकल अस्थमा की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जब भी सांस की नलियां किसी भी तरह की ऐलर्जी के संपर्क में आती हैं तो उन में सूजन हो जाती है, जिस से वे सिकुड़ कर चिपचिपा पदार्थ बनाती हैं। उस से सांस की नलियां बाधित होती हैं और सांस लेने में तकलीफ होती है।

अस्थमा की समस्या का कारण:

धूम्रपान सांस की नलियों को अवरुद्ध कर के फेफड़ों को स्थाई रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है। जब तंबाकू युक्त धूम्रपान को सांस द्वारा अंदर किया जाता है तो यह अस्थमा अटैक का ट्रिगर हो सकता है। इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए अस्थमा रोगियों को धूम्रपान छोड़ना होगा।

पराग पर्यावरणीय कारकों से पैदा होने वाले बहुत छोटे कण होते हैं। दोपहर में जब पराग का स्तर ज्यादा होता है तब बाहर निकलते समय नाक और मुंह पर मास्क लगा लें। सोने से पहले बालों को धोएं।

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