MSP से कम कीमत पर मूंग बेच रहे हैं किसान, कैसे सफल होगा फसल विविधीकरण का प्रयास?

Moong Procurement On Msp

खेती में बड़े बदलाव लाने के लिए फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा दिया जा रहा है. किसान (Farmers) सिर्फ कुछ ही फसलों पर निर्भर न रहें, इसके लिए योजना चलाकर प्रयास किए जा रहे हैं. फसल विविधीकरण के तहत जिन फसलों की बुवाई को प्रोत्साहित किया जा रहा है, उनकी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की व्यवस्था की जा रही है. किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सोचना न पड़े और उचित भाव मिले, इसी को ध्यान में रखकर MSP पर खरीद की व्यवस्था की गई है. पंजाब में इस बार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए गर्मियों में उगाई जाने वाली मूंग को MSP पर खरीदने का ऐलान हुआ था. हालांकि किसानों का आरोप है कि मंडियों में मूंग की खरीद तय समर्थन मूल्य से 1000 से 1300 रुपए कम पर हो रही है.

भारती किसान यूनियन (एकता), डकौंडा के सदस्यों ने लुधियाना में उपायुक्त सुरभि मलिक के साथ इस मुद्दे को उठाया. संगठन की जिला इकाई के अध्यक्ष महिंदर सिंह कमलपुरा ने आरोप लगाया कि मूंग एमएसपी से 1000 रुपए से 1300 रुपए कम पर खरीदी जा रही है. साथ ही, किसान संगठन के नेताओं ने मांग की है कि अन्य फसलों पर एमएसपी सुनिश्चित किया जाए और जिन किसानों की आलू या गेहूं की फसल पहले खराब हो गई थी, उन्हें मुआवजा दिया जाए.

किसानों ने MSP से अधिक दर पर भी बेची मूंग

मूंग की एमएसपी पर खरीद करने वाले एजेंसी मार्कफेड ने किसानों के आरोपों से इनकार किया है. मार्कफेड के जिला प्रबंधक सुनील के सोफत ने बताया कि सरकार किसानों से सीधे 7275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग खरीद रही है. वहीं कुछ किसानों ने यह भी बताया है कि उनकी मूंग की फसल एमएसपी से अधिक कीमत पर बिकी है. उपायुक्त सुरभि मलिक ने कहा कि यह पहली बार है जब मूंग की खरीद के लिए एमएसपी घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर किसानों को कोई गुणवत्ता संबंधी चिंता है तो वे मंडी में तीन सदस्यीय समिति के पास जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि समिति निष्पक्ष रूप से काम कर रही है.

कुछ किसानों की मांग है कि सरकार मूंग की एमएसपी पर खरीद करने वाले शर्तों को हटाए और बिना किसी शर्त के खरीद की जाए. पंजाब की भगवंत मान सरकार ने इस बार एमएसपी पर मूंग खरीद की घोषणा की थी. इसके बाद राज्य में मूंग का रकबा पिछले साल के मुकाबले करीब दोगुना हो गया. बीते साल 50 हजार एकड़ में मूंग की खेती हुई थी जबकि इस बार रकबा करीब 1 लाख एकड़ तक पहुंच गया. वहीं कृषि विभाग का कहना था कि एमएसपी पर मूंग की खरीद से राज्य के किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 36 हजार रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी.

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