Mango Export: आम एक्सपोर्ट को लगेंगे पंख, आम्रपाली और मल्लिका ने बहरीन में मचाई धूम

Mango export will increase by Bahrain Mango Festival Amrapali Mallika and jardalu varieties display

केंद्र सरकार ने आम एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने की कोशिश में जुट गई है. पिछले साल यानी 2020-21 में सबसे कम सिर्फ 271.84 करोड़ रुपये के आम का एक्सपोर्ट हुआ था. जबकि उससे पहले औसतन 400 करोड़ का होता था. आम एक्सपोर्ट (Mango Export) को लेकर एक बार फिर से वही पुराने हालात पैदा करने के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने बहरीन में 8 दिवसीय आम महोत्सव (Bahrain Mango Festival) का आयोजन किया. महोत्सव में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के आमों की 34 किस्मों को बहरीन के अल जजीरा समूह सुपरमार्केट के आठ अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शित किया जा रहा है. इनमें से 27 किस्में पश्चिम बंगाल से खरीदी गई हैं, जबकि दो-दो किस्में बिहार, झारखंड, ओडिशा और एक किस्म उत्तर प्रदेश की है.

आम की सभी किस्मों को सीधे किसानों और दो किसान उत्पादक संगठनों (FPO) से खरीदा गया है. आम महोत्सव 20 जून 2022 तक जारी रहेगा. बहरीन में ‘आम महोत्सव 2022’ के जरिए भारतीय आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूबरू करवाया जा रहा है. यह भारतीय आमों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने की एपीडा की कोशिश है. पहली बार पूर्वी राज्यों के आमों की 34 किस्मों को बहरीन में डिस्प्ले किया गया है. पहले के अवसरों पर, ज्यादातर वैश्विक प्रदर्शनी में अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली आदि जैसे दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले आमों की किस्मों को प्रदर्शित किया जाता था.

इन किस्मों को किया गया है डिस्प्ले

पश्चिम बंगाल से आम की 27 अलग-अलग किस्में डिस्प्ले की गई हैं. जिनमें भवानी, दाउद भोग, आम्रपाली, गोलपखास, रोगनी, दिलशाद, चटर्जी, बिमली, रतन केवड़ा, मल्लिका, अनारस, साहेबपास, किशन भोग, लक्ष्मण भोग, मधु लतिका, रसगुल्ला, द्वारिका, राजा भोग, अमृत भोग, अरजनमा, नीलांजना, रानी पसंद, राखल भोग, देसी सुंदरी, लंगड़ा, हिमसागर और खिरसापति हैं.

झारखंड के कमली और बीजू, जबकि बिहार के जरदालू, जो कि जीआई-टैग (GI Tag) की गई किस्म है, और लंगड़ा बहरीन में मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित किए जा रहे हैं. महोत्सव में ओडिशा के बेंगनपल्ली और हिमसागर और उत्तर प्रदेश के दशहरी किस्में भी शामिल हैं. मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन ने एपीडा के सहयोग से बहरीन तक आमों को पहुंचाने की सुविधा प्रदान की है. बहरीन में भारतीय आमों के प्रमुख आयातक देशों में शामिल है. यहां हर साल 6 से 10 करोड़ रुपये तक का आम एक्सपोर्ट किया जाता है.

किन स्टोरों में किया गया डिस्प्ले

भारतीय आमों की इन किस्मों को बहरीन के हमला, महूज, जिंग, जुफैर, बुदैया, आदिलिया, सीफ और रिफा स्थित अल जजीरा के आठ अलग-अलग स्टोरों में प्रदर्शित किया गया है. इसके अलावा, आम से तैयार उत्पाद जैसे अल जज़ीरा बेकरी में तैयार आम का केक, जूस, विभिन्न प्रकार के मैंगो शेक आदि को भी महोत्सव में प्रदर्शित किया गया है. आम महोत्सव की शुरुआत बहरीन में भारतीय राजदूत पीयूष श्रीवास्तव ने किया.

फलों का राजा है आम

भारत में आम को ‘फलों का राजा’ भी कहा जाता है. भारत के अधिकांश राज्यों में आम के बागान हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में आम का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है. अल्फांसो, केसर, तोतापुरी और बंगनपल्ली भारत से निर्यात की जाने वाली आम की प्रमुख किस्में हैं.

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