Maharashtra Board Exam Result 2022: महाराष्ट्र बोर्ड ने स्कूलों को दी चेतावनी, कहा- जल्द करें मूल्याकंन कार्य, नहीं तो खत्म कर देंगे एग्जाम सेंटर का दर्जा

Maharashtra Result 2022

Maharashtra 10th 12th Result 2022: महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के मुबंई डिविजन ने शिक्षकों की लापरवाही को देखते हुए स्कूलों को चेतावनी दी है. बोर्ड ने कहा है कि अगर उनके शिक्षकों के कारण कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में देरी हुई तो वे बोर्ड परीक्षा केंद्र होने का दर्जा खो सकते हैं. साथ ही मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा. बोर्ड (Maharashtra board Result 2022) ने देखा कि कई शिक्षक समय पर मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं जमा (Maharashtra Copy Checking) करने में विफल रहे हैं. जबकि दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 4 अप्रैल को समाप्त हुई थी, कक्षा 12 की परीक्षा 7 अप्रैल को पूरी हुई थी.

परिणाम आमतौर पर मई के अंत या जून में रिजल्ट जारी कर दिया जाता है. लेकिन कॉपियों की चेकिंग समय पर न होने से रिजल्ट जारी होने में समय लग सकता है. इस कारण से बोर्ड ने स्कूलों और शिक्षकों जल्द से जल्द मूल्याकंन कार्य पूरा करने के लिए ये कदम उठाया है.

कॉपियों का मूल्याकंन जल्द किया जाए

समय पर परिणाम घोषित करने के लिए आमतौर पर मूल्यांकन कार्य पूरा करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया जाता है. उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन (Maharashtra board Evaluation) करने वाले शिक्षकों को मूल्यांकन पूरा करना होता है और मॉडरेटर को पेपर जमा करना होता है. बोर्ड का संभागीय कार्यालय तब मॉडरेटर से उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र करेगा. राज्य बोर्ड के मुंबई मंडल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है में ये भी कहा गया है कि कई शिक्षक मूल्यांकन कार्य में देरी कर रहे हैं, कुछ काम का बहिष्कार भी कर रहे हैं. इस तरह की देरी के मामले में, मॉडरेटर को बोर्ड को सही उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और खर्च वहन करने की जिम्मेदारी लेनी होगी. इसके बाद इस खर्च को पेपर सुधार के लिए शिक्षकों को दिए जाने वाले भत्ते में समायोजित करना होगा.

खत्म कर देंगे एग्जाम सेंटर का दर्जा

बोर्ड ने आगे कहा कि ये मामला बहुत ही गंभीर है. इससे स्टेट बोर्ड रिजल्ट (Maharashtra board Result 2022) जारी होने में देरी हो सकती है. अगर स्कूल अपने टीचरों को समय पर काम पूरा करने के लिए नहीं कहते हैं तो स्कूलों को उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा. स्कूल राज्य बोर्ड केंद्र के रूप में अपना कोड नंबर खो सकते हैं. राज्य बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त होने से पहले ही महाराष्ट्र राज्य बिना सहायता प्राप्त और सहायता प्राप्त स्कूल कार्रवाई समिति से जुड़े शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा के लिए उनकी लंबित मांग पर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की धमकी दी थी.

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