Job Advice: नौकरी बदलने की सोच रहे हैं? नई कंपनी में सिर्फ सैलरी नहीं, इन 5 चीजों पर जरूर करें बात

Job Interview Tips

New Jobs Tips: अगर आप आने वाले दिनों में नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो आपको ये चीज को भली-भांति मालूम होगी कि सैलरी पर मोल-भाव किया जा सकता है. लेकिन इसके इतर भी कई चीजें हैं, जिन्हें कई बार हम नजरअंदाज कर देत हैं. मगर इन चीजों की हमें आगे चलकर अहमियत पता चलती है. सैलरी (Interview Tips) किसी भी वर्कप्लेस पर काम करने के बाद मिलने वाली एक चीज है. हालांकि, इसके इतर भी कई चीजें हैं, जिसे लेकर हम अनजान रहते हैं, तो नौकरी बदलने की हड़बड़ाहट में इस ओर कभी ध्यान ही नहीं देते हैं.

अमेरिका के कनेक्टिकट में स्थित CT-बेस्ड ह्यूसन रिसोर्स आउटसोर्सिंग और कंसल्टिंग कंपनी OperationsInc के CEO और प्रेसिडेंट डेविड लुईस कहते हैं, ‘अपने करियर की शुरुआत में किसी भी कर्मचारी के पास ज्यादा लेवरेज नहीं होता है.’ वे कहते हैं, ‘लेकिन पांच या उससे ज्यादा साल के एक्सपीरियंस वाले कर्मचारी अपनी कंपनी के साथ उस स्टेज में होते हैं, जहां वे अपनी नौकरी को अपनी लाइफस्टाइल के अनुसार करने के लिए समाधान ढूंढ लेते हैं.’

ऐसे में आइए जानते हैं कि सैलरी के अलावा वे पांच चीजें क्या हैं, जिन्हें लेकर हमें नौकरी लेने के दौरान बात करनी चाहिए, क्योंकि ये हमारी लाइफस्टाइल के लिए भी जरूरी है.

1. फ्लेक्सिबल टाइम

नौकरी के दौरान सभी को आठ घंटों तक काम करना होता है. किसी की शिफ्ट सुबह से होती है, तो किसी की दोपहर से. लेकिन काम के घंटे लगभग सभी के एकसमान ही होते हैं. हालांकि, एक वक्त के बाद हमें लगता है कि हमारे वर्किंग ऑवर फ्लेक्सिबल होने चाहिए. लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाते हैं, क्योंकि नौकरी लेने के दौरान हमने इस बारे में बात नहीं थी. ऐसे में कभी भी कहीं नई नौकरी को ज्वाइन करने से पहले हमें एचआर से ये पूछ लेना चाहिए कि क्या उनकी कंपनी में फ्लेक्सिबल टाइम को लेकर कोई पॉलिसी है. जैसे शुक्रवार को घर से काम करना या फिर हफ्ते में दो बार एक घंटे पहले ऑफिस से निकलना.

2. प्रमोशन और टाइटल्स

आमतौर पर किसी भी कंपनी को ज्वाइन करने के एक साल बाद ही कर्मचारी का प्रमोशन किया जाता है. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आपने संस्थान में कुछ महीने काम करने के बाद ही उसे आगे बढ़ने में मदद की है, तो आपको प्रमोशन के लिए पूछने में झिझकना नहीं चाहिए. हालांकि, प्रमोशन के लिए पूछने से पहले आपको खुद को एक फायदे वाला कर्मचारी साबित करना होगा. अगर आप अपने काम से संस्थान को फायदा पहुंचा रहे हैं, तो आपको अपने मैनेजर से प्रमोशन से पूछ लेना चाहिए. कंपनी में आप अपने ऐसे ही साथी बनाइए, जिनके साथ आपके बेहतर संबंध हों, ताकि वे प्रमोशन के दौरान आपका पक्ष रख सकें.

3. मातृत्व और पितृत्व अवकाश

किसी भी नौकरी को स्वीकार करने से पहले आप वहां की पॉलिसियों को बेहतर ढंग से समझ लें. इसमें से सबसे जरूरी पॉलिसी ये है कि क्या वहां मातृत्व और पितृत्व अवकाश मिलता है. अगर मिलता है, तो ये कितने महीनों का होता है. इसके अलावा, क्या मातृत्व और पितृत्व अवकाश के दौरान सैलरी काट ली जाती है या फिर आधी सैलरी दी जाती है. इन बातों के बारे में एचआर से पहले ही जान लें, ताकि आगे चलकर आप ऐसी स्थिति न फंस जाएं, जहां आपको छुट्टी लेने में कठिनाई का सामना करना पड़े.

4. छुट्टियां और लीव

हम सभी एक लंबे वक्त तक काम करने के बाद थकान महसूस करने लगते हैं. ऐसे में हमारा मन कहीं घूमने को करने लगता है. लेकिन कई बार काम के दबाव की वजह से हमें छुट्टियां नहीं मिल पाती हैं, तो कई बार छुट्टी पर जाने से सैलरी कटने का डर भी बना रहता है. हालांकि, अगर आपकी कंपनी पेड लीव दे रही है, तो आप फायदे के सौदे में हैं. लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो आपको छुट्टी लेने में दो बार सोचना पड़ सकता है. इस बात को ख्याल में रखते हुए नई नौकरी का प्रस्ताव स्वीकारने से पहले वहां की पेड लीव की व्यवस्था को समझ लें और ये जान लें कि कितने दिनों तक की पेड लीव दी जाती है. इसके अलावा, कितने अलग तरह की लीव की व्यवस्था है.

5. प्रोजेक्ट प्लेसमेंट

एक कहावत है कि अगर आपको तैरना सीखना है, तो इसके लिए पहले पानी में उतरना होगा. ऐसे में अगर इस कहावत की मानें तो आपको कई बार उन कामों को भी हाथों में लेना होगा, जो आपके स्किल सेट से बाहर हैं. अगर आप इस तरह के काम में बेहतर करते हैं, तो इससे आपकी स्किल बढ़ेगी. लेकिन आमतौर पर आपको जिस पोस्ट के लिए रखा जाता है, आप उसी पर सीमित रह जाते हैं. ऐसे में आपको किसी दूसरे प्रोजेक्ट पर नहीं लगाया जाता है. हालांकि, आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि आप ऐसे प्रोजेक्ट प्लेसमेंट में लगें, जो आपकी स्किल तो बढ़ाए ही. इसके लिए आपको अपने मैनेजर से बात कर ये बताना चाहिए कि आप किस तरह से इस प्रोजेक्ट को और बेहतर कर सकते हैं.

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