Jahangirpuri Violence: “बुलडोजर से मकान नहीं, संविधान हो रहा धवस्त”, जहांगीरपुरी में धवस्तीकरण पर बोले कांग्रेस नेता राहुल गांधी

Rahul Gandhi

दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाके जहांगीरपुरी (Jahangirpuri Violence) में बुलडोजर चलाए (Demolition) जाने को लेकर कांग्रेस (Congress) ने बुधवार को आरोप लगाया कि बुलडोजर से मकान नहीं, बल्कि देश के संविधान (Constitution) को ध्वस्त किया जा रहा है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत के बुलडोजर को रोका जाए और ऊर्जा संयंत्रों को शुरू किया जाए. उन्होंने उस खबर को साझा करते हुए देश में कथित तौर पर कोयले की कमी होने का मुद्दा उठाया जिसमें दावा किया गया है कि ऊर्जा संयंत्रों में कोयले का भंडार कम हो गया है. कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, आठ साल में बड़ी-बड़ी बातें करने का नतीजा है कि सिर्फ आठ दिनों का कोयला भंडार बचा है.

राहुल गांधी ने कहा, मोदी जी, मंदी निकट है. बिजली की कटौती से छोटे उद्योग खत्म हो जाएंगे जिससे और रोजगार जाएंगे. नफरत का बुलडोजर रोकिए, ऊर्जा संयंत्रों को शुरू करिये. कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से कहा, बुलडोजर से सिर्फ मकान ध्वस्त नहीं हो रहे, आपका-हमारा संविधान ध्वस्त हो रहा है. पार्टी ने यह भी कहा, दिल्ली, भाजपा-आम आदमी पार्टी की नफरत की नयी प्रयोगशाला बन चुकी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का मौन कहीं ना कहीं उनकी सहमति है, वहीं दिल्ली में विफल रही कानून-व्यवस्था की जिम्मेदार केंद्र सरकार है.

साथ मिलकर नफरत के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए: राहुल

राहुल ने आगे कहा कि हम सबको मिलकर इस नफरत के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए. कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि देश में चल रही नफरत की राजनीति का मकसद केंद्र सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाना है. उन्होंने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री की चुप्पी खतरनाक है. उनकी चुप्पी की सिर्फ दो वजहें हो सकती हैं. या तो नफरत के अभियान को उनका समर्थन है या फिर उन्हें देश में जो रहा है उसकी चिंता नहीं है. गौरतलब है कि जहांगीरपुरी में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई की गई.

शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हुई थी झड़प

बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी और यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया. जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें आठ पुलिस कर्मी और एक स्थानीय निवासी घायल हो गये। पुलिस के अनुसार, झड़पों के दौरान पथराव और आगजनी हुई और कुछ वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया.

(भाषा इनपुट के साथ)

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