Jahangirpuri Violence: जांच में खुलासा- जहांगीरपुरी हिंसा में शामिल थे कई गैंगस्टर और नामी बदमाश, कनेक्शन की खोज में जुटी पुलिस

Jahangirpuri 21

दिल्ली के जहांगीरपुरी हिंसा (Jahangirpuri Violence) मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. हिंसा में हार्ड कोर गैंगस्टर (Gangster) और नामी बदमाश भी शामिल थे. इन तमाम बदमाशों गैंगस्टरों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनमें से कई तिहाड़ जेल में पहले सजा काट चुके हैं. घटना के वक्त इन्होंने भी उपद्रवियों का साथ दिया औऱ हिंसा के बाद से ये अपना ठिकाना छोड़कर फरार हैं. ऐसे करीब 20 चिन्हित गैंगस्टरों की धरपकड़ में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की दर्जनों टीमों को लगाया गया है. पुलिस अंसार से भी इन तमाम बदमाशों गैंगस्टर के बारे में पूछताछ करने में जुटी है. क्या अंसार के कहने पर ही इलाके के इन बदमाशों ने उपद्रवियों का साथ दिया. इन बदमाशों ने हिंसा भड़काने में फायरिंग औरआगजनी की.

इसके अलावा दिल्ली पुलिस घटना के ठीक कुछ दिन पहले ही तिहाड़ जेल से जमानत या पैरोल पर बाहर आए गैंगस्टर बदमाशों से भी पूछताछ में जुटी है. क्या जहांगीरपुरी में हुई हिंसा एक साजिश थी? क्या इस दंगे की प्लानिंग पहले ही कि जा चुकी थी? दंगो में इस्तेमाल हुई हथियार कब, कहां से और कैसे लाए गए? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के मोबाइल को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट IFSO यानी Intelligence Fusion Strategic Operations के पास जांच के लिए भेज दिए गए है.

IFSO ने साइबर क्राइम यूनिट को भेजे फोन

IFSO दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट है. दिल्ली पुलिस की इस यूनिट के पास ऐसे सोफ्टवेयर हैं, जिनकी मदद से फोन से डिलीट किए गए डाटा को भी रिस्टोर किया जा सकता है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच दरअसल ये जानना चाहती है कि गिरफ्तार आरोपियों में आपस में क्या कनेक्शन है और कौन-कौन आरोपी दंगों के दौरान एक दूसरे के संपर्क में थे.

NDMC की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ नया विवाद

वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा जहांगीरपुरी में कई गई कार्रवाई के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान फुटपाथ पर बने अस्थायी खोखे और दुकानों के आगे हुए अवैध कब्जे को हटााया. उन्होंने कहा कि कल उत्तरी MCD अवैध कब्जे को हटाने के लिए 7 जेसीबी/ बुलडोजर अपने साथ लेकर आई थी. जहांगीरपुरी से अवैध कब्जा हटाने के लिए निगम की टीम के साथ 8 ट्रक और 4 मिनी ट्रक थे. इसके साथ ही 70-80 कर्मचारी और निगम के अधिकारी और 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. कार्रवाई के दौरान कुशल सिनेमा के पास लगभग 2 किलोमीटर वर्ग मीटर सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया गया. इसके साथ ही निगम ने 25 वस्तुओं को जप्त किया और तकरीबन 20 टन कूड़ा उठाया.

Similar Posts