Jahangirpuri: जहांगीरपुरी में हुई बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक रहेगी जारी, जानिए सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

Jahangirpuri

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राष्ट्रीय राजधानी के हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी (Jahangirpuri Demolition Case) इलाके में इमारतों को ध्वस्त करने के मुद्दे पर अगले आदेश तक यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए. जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Ulama-e-Hind) की याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य को नोटिस जारी किए. याचिका में दावा किया गया है कि दंगों के मुस्लिम आरोपियों की इमारतों को तोड़ा जा है. हाईकोर्ट ने विध्वंस कार्रवाई के खिलाफ जमीयत की याचिका का संज्ञान लेने के बाद अभियान को रोकने के लिए बुधवार को दो बार हस्तक्षेप किया था.

याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत दवे ने शीर्ष अदालत से कहा, बिना सूचना के कार्रवाई की गई और जब अदालत ने यथास्थिति का आदेश जारी किया तब भी काफी देर बाद कार्रवाई रोकी गई. भला कैसे बीजेपी का नेता बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने कि मांग कर सकता है और समाजिक सौहार्द को बिगाड़ने को लेकर उस पर एक्शन लिया जाता है. जस्टिस एल नागेश्वर राव ने पूछा इसमें राष्ट्रीय महत्व क्या है?

वकील दवे ने कहा कि गैरकानूनी एनकाउंटर के बाद यह टारगेटेड बुलडोजर एक्शन एक समुदाय के खिलाफ शुरू किया गया है. जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा कि आप सिर्फ कानूनी उल्लंघन पर बात करें. दवे ने केंद्र द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मास्टर प्लान का हवाला देते हुए अतिक्रमण कि कार्रवाई कि प्रक्रिया बताना शुरू किया. उन्होंने कहा, ’50 लाख लोगों को इसके तहत नियमित किया गया और अब एक क्षेत्र में एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. दिल्ली में बने 1701 अवैध कॉलोनी हैं जिसमें 50 लाख लोग रहते हैं और उन्हें नियमित किया गया है.’

जस्टिस नागेश्वर ने कहा, ‘आपने नियमितिकरण के बारे में बताया अतिक्रमण के बारे में बताइए.’ दवे ने कहा कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पत्र लिखकर यह कार्रवाई करने कि मांग की थी और आगे सब आपके सामने हैं. पुलिस और ऑथरिटी संविधान से बंधी हुई है किसी पार्टी से नहीं बंधी हुई हैं. वहीं, वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सिर्फ मुस्लिम क्षेत्रों को टारगेट किया जा रहा है. जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा क्या हिन्दू इलाकों में अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है?

सॉलिसिटर जनरल ने कपिल सिब्बल के आरोपों को बताया गलत

सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल के आरोप पर एतराज जताया और गलत करार दिया. सिब्बल ने कहा कि हमारी मांग है कि मुस्लिम क्षेत्र में रिहायशी या व्यवसायिक ढांचे को पूरी प्रकिया के बिना नहीं ढहाया जाए. हमने इस कार्रवाई पर रोक लगाने कि मांग भी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पूरे देश में अतिक्रमण हटाने पर कैसे रोक लगा दें.

सिब्बल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को इससे जोड़ा जा रहा है, देश के कई हिस्सों में ऐसा हो रहा है, लोग जेल में बंद हैं और उनके घरों पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है. वृंदा करात के वकील ने कहा कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में प्रशासन को सूचित किया गया, लेकिन कार्रवाई जारी रही. सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के वकील ने मेयर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में लिखित सूचना दी थी और फिर कार्रवाई रोक दी गई.

मेहता ने कहा कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार सूचनाएं जारी की गई थी. ऐसे मामलों में नोटिस जारी करना जरूरी नहीं है. तुषार ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क और फुटपाथ पर से अतिक्रमण हटाने का आदेश पहले जारी किया था. उसके खिलाफ कोई नहीं आया और अब कह रहे हैं कि टारगेटेड एक्शन हैं .रहा सवाल मुस्लिमों को टारगेटेड करने का तो मध्य प्रदेश के खरगांव में हिन्दू क्षेत्र में ज्यादा अतिक्रमण हटाया गया, जबकि मुस्लिम अतिक्रमण कि संख्या कम थी.

कोर्ट ने सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि आप हलफनामा दाखिल करें और याचिकाकर्ता उस पर जवाब दें. यथास्थिति का आदेश तब तक जारी रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर नोटिस जारी किया और यथास्थिति का आदेश जारी रखा. दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी. तुषार महता ने कहा कि दिल्ली में कार्रवाई कानून के मुताबिक हुई है. हमारे पास फोटोग्राफ हैं. हमारी ओर से नोटिस जारी किए गए थे. सरकार का काम है कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं हो.

सिब्बल ने कहा कि अन्य राज्यों में बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सिर्फ अभी दिल्ली को लेकर मामले पर गौर कर रहे हैं. जहांगीरपुरी में बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक जारी रहेगी. अदालत ने कहा, ‘अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखी जाए… मामले को दो हफ्ते के बाद सूचीबद्ध किया जाए और तब तक दलीलों को पूरा किया जाए.’

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि वह बुधवार को की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई का गंभीर संज्ञान लेगी जो उत्तर दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के महापौर को उसके आदेश से अवगत कराए जाने के बाद भी जारी रही थी. उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में बीजेपी शासित (एनडीएमसी) ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत बुधवार को इलाके में एक मस्जिद के पास कई पक्के और अस्थायी ढांचों को बुलडोजर से तोड़ दिया था.

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